जयपुर : बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी राजस्थान में भी हो रही है. भाजपा एक ओर बिहार निवासी मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने की कवायद में जुटी है. वहीं, बिहार चुनाव के मद्देनजर प्रदेश से भाजपा नेताओं की टीम भी रवाना होने लगी है. जातीय और क्षेत्रीय समीकरण के लिहाज से भाजपा ने अलग-अलग नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी है. राजस्थान भाजपा की 19 महिला कार्यकर्ताओं का दल बिहार पहुंच चुका है, जो वहां रह रहे राजस्थानियों को पार्टी के पक्ष में साधेगा.
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री जयश्री गर्ग ने बताया कि राजस्थान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की टीमें बनाकर बिहार में चुनावी प्रवास तय कर रही है. महिला मोर्चा का 19 सदस्यीय दल बिहार भेजा है. यह दस दिन बिहार की अलग अलग विधानसभाओं में वहां के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जनसम्पर्क करेंगी. वोटिंग तक राजस्थान से महिला नेता और कार्यकर्ताओं के बिहार जाने का सिलसिला जारी रहेगा. इसके बाद कुछ अलग नेताओं की टोली बिहार जाएंगी.बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव हैं. चुनाव आयोग ने अभी तारीख की घोषणा नहीं की. भाजपा ने बिहार फतह के लिए रणनीतिक तौर पर काम शुरू कर दिया. किसी राज्य में चुनाव होते हैं तो प्रचार के लिए दूसरे राज्यों से पार्टी नेता भेजे जाते हैं. बिहार में भी यही फॉर्मूला अपनाया जा रहा है.
इधर, एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान सह संयोजक सुमन शर्मा ने बताया कि ये महिलाएं बिहार के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार करेंगी. इसके लिए एक टीम पहुंच चुकी है. ये बिहार में रहने वाले मारवाड़ियों से सम्पर्क कर पार्टी के पक्ष में मतदान को तैयार करेंगी. शर्मा ने कहा कि बिहार के भागलपुर, पटना, लहेरिया सराय में बड़ी संख्या में मारवाड़ी लोग बसे हैं. इनके अलावा भी कुछ अन्य जगहों पर मारवाड़ी हैं.
बिहार गए दल में ये शामिल: महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री राधा भारद्वाज, उपाध्यक्ष सुनीता पिंकी मंडावत, प्रदेश कार्यालय सह प्रभारी मीना बनर्जी, प्रदेश मंत्री मंजू मेघवाल, पूर्व प्रदेश मंत्री मधु कुमावत, विद्या वैष्णव, मंजू कुल्हारी,अनुश्री पूनिया, शीला बिश्नोई, उषा गहलोत, संगीता सोलंकी,अनीता कटारा, कोमल गहलोत, शिवांगी शिखरवाल, सुषमा वर्मा, ज्योति कंवर, रिंकू कंवर, गायत्री शर्मा, नूपुर मालवा शामिल हैं.
मारवाड़ी वोटरों को साधने की कोशिश: विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव, भाजपा प्रवासी राजस्थानियों पर पकड़ मजबूत करने के लिए रणनीतिक तौर पर काम करती है. देश के हर कोने में मारवाड़ी रहते हैं. भाजपा इन मारवाड़ी वोटर्स को जोड़ रही है. बिहार चुनाव में भी प्रवासी राजस्थानी बाहुल्य क्षेत्रों में पार्टी विशेष फोकस कर रही है. इसके लिए उन क्षेत्रों में आने वाले समय में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित प्रदेश से जुड़े केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की जनसभा भी कराई जाएगी. बिहार की जिन सीटों पर मारवाड़ी वोटर्स ज्यादा हैं, वहां राजस्थान के वरिष्ठ नेताओं की सभाएं कराई जाएगी. प्रचार के साथ कैडरवार नेता जनसम्पर्क के लिए अलग अलग समय बिहार भेजे जाएंगे. सुमन शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में नेताओं के दौरे और बिहार जाने वाले कार्यकर्ताओं की टोलियां बनाई जा रही है. जैसे जैसे केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के दिशा निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार कार्यक्रम तय किए जाएंगे.
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान: भाजपा ने इस मार्च से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान चलाया है. इसके पीछे मकसद कश्मीर से कन्याकुमारी, राजस्थान से पूर्वांचल तक पूरे भारत की संस्कृति को एक करना बताया जा रहा है. एक राज्य से दूसरे राज्य की संस्कृति के लोगों से मेलमिलाप कराना है, लेकिन असल में चुनावी फायदा लेने की कवायद मानी जा रही है. सुमन शर्मा ने बताया कि इस मार्च से एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत संस्कृति का आदान प्रदान किया जा रहा है. जिलों के सर्वे में सामने आया कि पांच से आठ लाख बिहारी विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. जयपुर, जोधपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ में ज्यादा रह रहे हैं. यह सम्पर्क दो राज्यों को मजबूती प्रदान में सहयोग करेगा. प्रदेश में रह रहे प्रवासी बिहारी, राजस्थान की इकोनॉमिक्स को मजबूती दे रहे हैं.
क्या है एक भारत श्रेष्ठ भारत
- मार्च से प्रदेश में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ शुरू
- अभियान का उद्देश्य प्रदेशों में रहने वाले विविध संस्कृतियों के लोगों में सक्रिय बातचीत को बढ़ावा देना
- संस्कृति का आदान प्रदान के साथ प्रवासी राज्यों में पार्टी की पकड़ मजबूत हो
- अभियान के तहत राजस्थान में पार्टी बिहारी समुदाय पर काम कर रही है
- पार्टी ने देशभर के उन जिलों को सूचीबद्ध किया, जहां बिहारी समाज के लोग ज्यादा हैं
- अभियान में बिहारी मतदाताओं का डेटा किया जा रहा एकत्र
- भाजपा के एक अनुमान के अनुसार, लगभग 2 करोड़ प्रवासी बिहारी विभिन्न राज्यों में रहते
- इनमें लगभग 65% अभी बिहार में मतदाता
- मोटे तौर पर 1.3 करोड़ मतदाता बिहार से बाहर रहते हैं
- अधिकांश दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब व राजस्थान जैसे राज्यों में रहते हैं
‘मतदाता’ और ‘समर्थक’: बता दें कि बिहार में कुछ लोग मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं और कुछ ऐसे हैं जो राजस्थान में बस गए. भाजपा की कोशिश है कि अभियान में इन्हे पार्टी से जोड़ा जाए. भाजपा उन्हें प्रोत्साहित कर रही हैं कि वे अपने परिजनों को पार्टी का समर्थन करने को कहें. राजस्थान में पार्टी ने पहले 6 जिलों में अभियान शुरू किया था, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश के बाद सभी जिलों में अभियान चलाया, जहां बिहार से आए प्रवासी रहते हैं. एक अनुमान के अनुसार, राजस्थान में लगभग 5 से 8 लाख बिहारी रहते हैं. भाजपा की स्थानीय इकाइयां विभिन्न जिलों में बिहारी प्रवासियों का डेटा एकत्र करने और उसका मानचित्र करने में व्यस्त हैं. इसे भाजपा के आंतरिक ‘सरल’ ऐप पर डाला जा रहा है.




















