जयपुर: सीएम भजनलाल ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई की. उन्होंने इस दौरान आमजन की परिवेदनाओं को आत्मीयता के साथ सुना और अधिकारियों को उन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में परिवादी अपनी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से बड़ी उम्मीद रखते हैं. ऐसे में अधिकारी उनकी समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध निस्तारण करें.
लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों पर होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादियों को जल्द से जल्द राहत दी जाए, साथ ही प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए परिवादियों को इसके बारे में सूचित भी किया जाए. इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सीएम ने कहा कि आमजन की जवाबदेही सरकार की जिम्मेदारी है. अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी सरकार की योजना का लाभ मिले. अंतिम व्यक्ति को राहत देने की इच्छा के साथ कार्य करने की जरूरत है.
मनीष का होगा कैंसर का निःशुल्क इलाज: जनसुनवाई में आए सोहन लाल ने बताया कि कैंसर की बीमारी से पीड़ित उनके पुत्र मनीष का पिछले कई महीनों से इलाज चल रहा है. दिहाड़ी मजदूरी से जीविका का निर्वहन कर रहे सोहन लाल आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. ऐसे में अपने बेटे के इलाज में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने जनसुनवाई में मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा जाहिर की. इस पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मनीष का तुरंत निःशुल्क इलाज कराने की व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से अब मनीष का कैंसर का निःशुल्क इलाज हो सकेगा.
समस्याओं का अंतिम समाधान जनसुनवाई: जनसुनवाई में बड़ी संख्या में परिवादी अपनी समस्याओं के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष उपस्थित हुए. कोई परिवादी मुख्यमंत्री से इलाज के लिए सहायता मांगने आया, तो कोई परिवादी अपनी पेंशन से जुड़ा मामला लेकर उपस्थित हुआ. किसी फरियादी ने जमीन से संबंधित मामले को लेकर सहायता मांगी तो किसी ने नियमों में राहत के लिए प्रार्थना-पत्र सौंपा. मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं को व्यक्तिशः सुनकर कुछ मामलों में मुख्यमंत्री सहायता कोष से फरियादी को राहत दी तो कुछ में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पीड़ित का निःशुल्क इलाज कराने के निर्देश दिए. कुछ मामलों का निस्तारण जिला प्रशासन स्तर पर कराने के निर्देश दिए तो कुछ में अधिकारियों को मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, कृषि, गृह, राजस्व, सिंचाई, परिवहन, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, मनरेगा, ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया.




















