अलवर: केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेन्द्र यादव ने कांग्रेस नेताओं पर सरिस्का के सीटीएच बदलने के नाम पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अच्छा होता कि वे झूठे आरोप लगाने के बजाय न्यायालय में एफीडेविट दाखिल करें. सीटीएच बदलने का सच सामने आ जाएगा. कांग्रेस की ओर से मनमोहन सरकार के दौरान सरिस्का में पुन: बाघ लाने के दावे पर केन्द्रीय मंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरिस्का से बाघ गायब भी उनकी सरकार के दौरान ही हुए थे. केन्द्रीय मंत्री रविवार को अलवर स्थित कन्या उपवन में हरियाली तीज पर आयोजित वृहद पौधरोपण कार्यक्रम में बोल रहे थे.
पौधरोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पर्यटन एवं अलवर के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. कांग्रेस ने 70 साल राज किया, लेकिन अलवर के विकास एवं पर्यटन की सुध नहीं ली. उन्होंने कहा कि अलवर केवल पर्यटन की जगह ही नहीं, बल्कि महाराज भर्तृहरि की तपोस्थली भी है. केन्द्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वन विभाग से कभी भर्तृहरि की तपस्थली के सौंदर्यीकरण के लिए प्रयास नहीं किए, पहली बार प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने प्रयास कर भर्तृहरि की तपस्थली के सौंदर्यीकरण के लिए वन विभाग से अनुमति दिलाई.
सरिस्का का इको सेंसेटिव जोन बनना जरूरी: केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि टाइगर रिजर्व सरिस्का का इको सेंसेटिव जोन बनना जरूरी है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने ही कार्रवाई शुरू की. इसके लिए कमेटी भी सुप्रीम कोर्ट ने ही बनाई. कमेटी बनने के बाद वन्यजीव विशेषज्ञ यहां आए और उन्होंने ही सुप्रीम कोर्ट में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया. उन्होंने कहा कि सरिस्का क्षेत्र में बचे गांव गुर्जर, मीणा, ब्राह्मण, सैनी समाज के गांव हैं, जिनके लिए कांग्रेस ने कभी काम नहीं किया. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांंधी पर चुटकी लेते हुए कहा कि तभी उन्हें ओबीसी के बारे में समझ में नहीं आता. उन्हें यह इसलिए समझ में नहीं आता कि वे काम ही ओबीसी व इन्हीं गांववासियों के खिलाफ करते हैं. केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता सरिस्का के सीटीएच प्रस्ताव को लेकर झूठे आरोप लगा रहे हैं. अच्छा हो कि वे उनकी जो भी समस्या है उसका एफीडेविट कोर्ट में देवें. जिससे इस मुद्दे पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
पेड़ लगाना आसान, उसका संरक्षण बड़ा काम: कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के कृषि एवं जिला प्रभारी मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने इस मौके पर कहा कि जिला प्रशासन की ओर से हरियाली तीज पर आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में एक ही दिन में 10 लाख पौधे लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान जन आंदोलन बन गया है. उन्होंने कहा कि जिस जिले में सरिस्का जैसा ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हो, वहां हरियाली होना जरूरी है. प्रभारी मंत्री मीणा ने कहा कि पेड़ लगाना आसान है, लेकिन उसका संरक्षण कर बड़ा करना मुश्किल कार्य होता है. उन्होंने कार्यक्रम में शामिल लोगों से आहृवान किया कि सभी एक-एक पेड़ के संरक्षण की जिम्मेदारी लें.




















