जयपुर: प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आज हुकूमत में बैठे लोग हमारी विरासत को मिटाना चाहते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा, आज 35 साल से गांधी परिवार का कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री नहीं है. लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री गांधी परिवार को टारगेट करने की राजनीति करते हैं. अशोक गहलोत ने आज शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस ओबीसी भागीदारी न्याय महासम्मेलन में यह बात कही.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अशोक गहलोत ने कहा, आजादी के बाद पहली बार ओबीसी को लेकर राहुल गांधी ने आवाज उठाई है. उन्होंने एक मिशन के रूप में यह शुरुआत की है. राहुल गांधी अकेले क्या करेंगे. उन्होंने जो आवाज उठाई है, उसका महत्व हम सबको समझना पड़ेगा. इस कार्यक्रम में सभी नेताओं को एक जिम्मेदारी देने के लिए बुलाया गया है. जो आवाज राहुल गांधी ने बुलंद की है, उसे जन-जन तक पहुंचाना है.
बहुत खतरनाक है ध्रुवीकरण का खेल: गहलोत बोले, कांग्रेस का त्याग-बलिदान का इतिहास रहा है. देश को आजाद करवाया और देश को आगे बढ़ाया. वो जमाना दूसरा था. आज जो लोग हुकूमत में बैठे हैं, वो हमारी विरासत को खत्म करना चाहते हैं. जिस प्रकार इन्होंने देश का ध्रुवीकरण किया है, वह बहुत खतरनाक खेल है. राहुल गांधी अपने हाथ में संविधान की प्रति लेकर चलते हैं. वे बताते हैं कि आज संविधान खतरे में है.
महात्मा गांधी ने भी यात्रा से देश को समझा: वे बोले, राहुल गांधी ने जब भारत जोड़ो और भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाली, तो उन्हें देश का मिजाज समझ में आया. महात्मा गांधी जब दक्षिण अफ्रीका से भारत आए, तो उनको भी देशभर की यात्रा करनी पड़ी थी. उन्होंने देश को समझा, आजादी की लड़ाई में देश का नेतृत्व किया और आखिरकार हमें आजादी मिली. जिस तरह उन्हें कामयाबी मिली, उसी तरह राहुल गांधी को सफलता मिले, यह हम सबका संकल्प होना चाहिए.
लड़ाई जीतने के लिए लोगों का दिल जीतना होगा: गहलोत बोले, आज के इस कार्यक्रम से जाकर हमें ओबीसी के लोगों को समझाना होगा कि कौन उनका भला चाहता है, किसकी नीतियां देशहित में हैं. यह लड़ाई लंबी है और आसान नहीं है. हमें इस लड़ाई को जीतना होगा. लड़ाई जीतने के लिए जाति और समाज का दिल जीतना पड़ेगा. यह जरूरी है कि हम कैसे इस आवाज को बुलंद करें. ओबीसी का भला कैसे हो, यह हम सबको सोचना होगा. महात्मा गांधी ने सर्वोदय की बात की थी, उसी को अब राहुल गांधी आगे बढ़ा रहे हैं. अभी किसका उदय हुआ है, यह कहने की जरूरत नहीं है. अभी एससी, एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी के लोग कहां टिकते हैं. ओबीसी को उनका हक मिले, इसलिए राहुल गांधी ने “जिसकी जितनी भागीदारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी” का नारा दिया है. यह भावना कब पूरी होगी, इसके लिए हमको चिंतन-मनन और मेहनत करनी पड़ेगी. यह बहुत बड़ा चैलेंज है. हम कैसे पूरा करते हैं, यह हमारे ऊपर है. यह मुहिम फेल हुई तो राहुल गांधी नहीं, हम फेल होंगे.
ध्रुवीकरण होगा तो ओबीसी का कैसे भला होगा: वे बोले, जनता ने इस बार भाजपा को बड़ा झटका दिया है. उन्होंने कहा, जिन राज्यों में ओबीसी की बहुलता के बावजूद कांग्रेस सत्ता में नहीं है, वह हम सबके लिए चिंता का विषय होना चाहिए. अगर देश में धर्म के आधार पर ध्रुवीकरण होगा तो कैसे ओबीसी जातियों का भला होगा. राहुल गांधी ने दबाव बनाया तो सरकार को जातिगत जनगणना करवानी पड़ी. अब लोगों को शंका है कि बिहार चुनाव के बाद उसे कहीं कोर्ट में नहीं अटका दिया जाए. जब सरकार की क्रेडिबिलिटी नहीं होती, तो ऐसी शंका होती है.




















