राजस्थान में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के चलते शुक्रवार से प्रदेश में भारी बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 26 जुलाई तक 11 जिलों में येलो अलर्ट और 27 व 28 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस बीच बीसलपुर डैम के गेट आठवीं बार खोल दिए गए हैं, जो अब तक का रिकॉर्ड बन गया है। वहीं कोटा के नवनेरा डैम से भी ERCP योजना के तहत पानी छोड़ा गया है।
ERCP योजना के तहत नवनेरा बांध से भी गुरुवार शाम को तीन गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। इससे डाउनस्ट्रीम इलाकों में जलस्तर में इजाफा होने की संभावना है।
वहीं, करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र में भारी बारिश के बीच दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक पिता और उसका बेटा बाइक से नदी पार करते समय बह गए। बाद में बेटे का शव बरामद हुआ जबकि पिता की तलाश की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के 26 जुलाई तक वेलमार्क लो-प्रेशर में तब्दील होने की संभावना है, जिससे प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 26 से 30 जुलाई तक अच्छी बारिश का दौर रहेगा। 27 और 28 जुलाई को दक्षिण-पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
बीते 24 घंटों में जोधपुर के शेरगढ़ में सर्वाधिक 2 इंच (60 मिमी) बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धौलपुर के राजाखेड़ा में 25 मिमी, झालावाड़ के बाकनी में 30 मिमी, झालरापाटन, मनोहरथाना और रायपुर में 20-20 मिमी, खानपुर में 22 मिमी पानी बरसा। दौसा के बसवा और करौली के नादौती में 16 मिमी, कोटा के कानावास में 15 मिमी और श्रीगंगानगर के हिंदूमलकोट में 17 मिमी बारिश दर्ज हुई।
डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ समेत अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि मौसम विभाग ने अगस्त के पहले सप्ताह में मानसून के धीमा पड़ने की संभावना जताई है।
इस बीच बारिश से जुड़े हादसों और डैम से छोड़े जा रहे पानी को लेकर प्रशासन ने अलर्ट मोड पर रहने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन को संभावित बाढ़ और जलभराव वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।




















