राजस्थान के अलवर जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पत्नी को वापस लाने की सनक में एक युवक ने तांत्रिक की बातों में आकर अपने ही भतीजे की बलि दे दी। पूरा मामला अलवर के मुंडावर थाना क्षेत्र के सराय कला गांव का है, जहां तंत्र विद्या की अंधी आस्था ने रिश्तों को रौंद डाला।
तांत्रिक ने युवक से कहा- “तू मुझे खून और कलेजा दे, मैं तुझे बीवी दिलाऊं।” बस इसी डील में चाचा हैवान बन गया और 6 साल के मासूम लोकेश की सांसें छीन लीं।
यह वारदात 19 जुलाई की रात की है। 6 साल का लोकेश अचानक लापता हो गया। उसके पिता बिंटू ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसी रात, गांव के एक सुनसान मकान में तूड़े के ढेर में उसका शव मिला। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। जब पुलिस ने गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले और परिवार से सघन पूछताछ की, तो पूरा मामला सामने आया।
पुलिस ने 21 जुलाई को बच्चे के सगे चाचा मनोज कुमार को गिरफ्तार किया। मनोज से जब सख्ती से पूछताछ हुई, तो उसने जो कहानी बताई, वो सुनकर पुलिस भी स्तब्ध रह गई।
मनोज की पत्नी कुछ समय से अपने पीहर में रह रही थी और ससुराल लौटने को तैयार नहीं थी। परेशान मनोज ने अपनी पत्नी को वश में करने के लिए तांत्रिक सुनील से संपर्क किया। तांत्रिक ने वशीकरण क्रिया के लिए 12 हजार रुपए, इंसान का खून और कलेजा मांगा।
तांत्रिक की बातों में आकर मनोज ने 19 जुलाई को लोकेश को बहला-फुसलाकर गांव के एक सुनसान मकान में ले गया। वहां पहले उसने गला दबाकर उसकी हत्या की और फिर शरीर पर जगह-जगह इंजेक्शन चुभोकर खून निकालने का प्रयास किया। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, शव से कलेजा निकालने की कोशिश भी की गई थी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को तूड़े के ढेर में छिपा दिया, ताकि मौका मिलते ही अंग निकालकर तांत्रिक को सौंप सके।
सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि हत्या के बाद आरोपी चाचा खुद भी परिवार के साथ मासूम को ढूंढने का नाटक करता रहा। लेकिन पुलिस की सख्ती में उसका झूठ ज्यादा देर टिक नहीं पाया।
मनोज की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त इंजेक्शन भी बरामद कर लिए हैं। इसके बाद मंगलवार को तांत्रिक सुनील पुत्र यादराम निवासी खानपुर अहिर को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तांत्रिक की कितनी और घटनाओं में भूमिका रही है और क्या वह पहले भी ऐसी काली क्रियाएं करवा चुका है।
यह वारदात न केवल रिश्तों को शर्मसार करने वाली है, बल्कि यह भी साबित करती है कि आज के दौर में भी अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं। बीवी को पाने की जिद में चाचा ने अपने ही भतीजे को मौत के घाट उतार दिया – वो भी सिर्फ इसलिए कि एक तांत्रिक ने कहा था, “तू मुझे खून और कलेजा दे, मैं तुझे बीवी दिलाऊं।”




















