वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर कहा कि कुछ गड़बड़ जरूर है। उन्होंने इस्तीफे पर संदेह जताते हुए कहा कि पर्दे के पीछे जरूर कुछ हुआ होगा जिसके कारण उन्हें अप्रत्याशित रूप से इस्तीफा देना पड़ा। पायलट ने भाजपा और केंद्र सरकार पर संवैधानिक पदों और संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया। राजस्थान के टोंक में पत्रकारों से बात करते हुए पायलट ने कहा कि ऐसी स्थिति में औपचारिक विदाई आम बात है।
निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा के नेतृत्व में ‘भ्रष्टाचार विरोधी’ पदयात्रा के बारे में पायलट ने कहा कि सभी को अपने अधिकारों की वकालत करने का अधिकार है। मीणा ने पिछले साल टोंक जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ा था। एसडीएम को थप्पड़ मारने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। कुछ दिन पहले ही राजस्थान हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिली है।
पायलट ने कहा कि जो लोग युवाओं की बात करते हैं, उन्हें युवाओं को उनके पूरे अधिकार देने चाहिए और उनके लिए काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री के पास इसके लिए समय नहीं है क्योंकि वह विदेश यात्राओं में व्यस्त हैं।
पायलट ने राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है। राज्य में शासन व्यवस्था का अभाव है। पायलट ने दावा किया कि असली मुद्दा यह है कि सरकार कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण खो चुकी है। रोजगार और विकास के सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं।इस बीच, तीन साल तक उपराष्ट्रपति के पद पर रहे जगदीप धनखड़ के लिए कांग्रेस सम्मानजनक विदाई की मांग कर रही है। पार्टी यह भी आरोप लगा रही है कि धनखड़ को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया, क्योंकि उन्होंने जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के लिए विपक्षी सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित एक नोटिस स्वीकार कर लिया था। जस्टिस वर्मा के आवास से कुछ महीने पहले नोटों की जली हुई गड्डियां बरामद हुई थीं।




















