जयपुर : राजस्थान में नकली खाद, घटिया बीज और जहरीले कीटनाशकों के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त अभियान चलाया है. राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि हाल ही में विभाग द्वारा प्रदेशभर में एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें नकली उर्वरक, घटिया किस्म के बीज और अवैध कीटनाशकों को जब्त किया गया. उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान एक फर्जी बायोडीजल बनाने वाले प्लांट का भी भंडाफोड़ किया गया, जो किसानों और वाहन मालिकों की सेहत और संपत्ति के लिए गंभीर खतरा बन सकता था.
केंद्र से सख्त कानून की मांग : मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, कि उन्होंने हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि नकली खाद, बीज और कीटनाशकों के खिलाफ सख्त और प्रभावी कानून बनाए जाएं. इस तरह की गतिविधियां न केवल किसानों की मेहनत पर पानी फेरती हैं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं. उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने इस मांग को गंभीरता से लिया है और आश्वासन दिया है कि इस विषय पर कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जल्द ही संसद में नकली कृषि उत्पादों के विरुद्ध एक सशक्त कानून लाया जाएगा.
किसानों की मेहनत के साथ धोखा : कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने कहा कि नकली खाद और बीज से फसल खराब हो जाती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. कीटनाशकों में मिलावट से न केवल फसलें बर्बाद होती हैं, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है. उन्होंने कहा कि ये सभी गलत गतिविधियां किसानों की मेहनत और भविष्य के साथ धोखा हैं. राज्य सरकार इस विषय पर पूरी तरह सख्त है और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
बायोडीजल प्लांट पर विशेष नजर : उन्होंने यह भी कहा कि नकली बायोडीजल का निर्माण और बिक्री पर्यावरण और वाहनों के लिए खतरनाक है. इस विषय पर हमने एक विशेष रिपोर्ट तैयार कर केंद्र को भेजी है, जिसमें बायोडीजल के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के प्रमाण शामिल हैं.
कृषि मंत्री मीणा ने बताया कि राज्य सरकार अब नकली कृषि उत्पादों के खिलाफ एक स्थायी निगरानी तंत्र भी विकसित करने पर विचार कर रही है. जल्द ही राज्य में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से ऐसे मामलों का त्वरित निपटारा भी संभव हो सकेगा. साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया कि राजस्थान में नकली कृषि उत्पादों पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. केंद्रीय मंत्री से बातचीत के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस मुद्दे पर देशव्यापी कानून आएगा, जिससे किसानों को राहत और धोखेबाजों को कड़ी सजा मिल सकेगी.




















