भरतपुर: जिले के बयाना कस्बे में बुधवार को अमेरिका के कैलिफोर्निया से आई 14 वर्षीय भारतीय मूल की छात्रा आस्तिका अग्रवाल ने स्कूली बच्चों को समुद्री जीवन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया. 9वीं कक्षा की छात्रा आस्तिका पिछले तीन वर्षों से समुद्री जीवों और पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने का अभियान चला रही है. इस बार अपने ननिहाल आई आस्तिका ने स्थानीय निजी स्कूल के बच्चों को न केवल समुद्री जीवों के बारे में जानकारी दी, बल्कि उन्हें यह भी बताया कि इनकी रक्षा कैसे की जा सकती है. यहां के बच्चों से समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और प्रकृति संरक्षण को लेकर संवाद किया.
प्राकृतिक आवासों की दी जानकारी: आस्तिका ने बच्चों को बताया कि समुद्र में विविधतापूर्ण और संवेदनशील जीवन प्रणालियां होती हैं. उन्होंने मछलियों, डॉल्फिन, व्हेल, शार्क, समुद्री कछुए और समुद्री पक्षियों की विशेषताओं और उनके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी. बच्चों ने पहली बार इन जीवों की जैविक भूमिका और संरक्षण की जरूरत को इतनी गहराई से समझा. आस्तिका ने समुद्री जीवों के प्राकृतिक आवास जैसे प्रवाल भित्तियां, मैंग्रोव वन और महासागर तट आदि पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने समझाया कि ये पारिस्थितिक तंत्र न केवल समुद्री जीवों के लिए, बल्कि पूरे पृथ्वी ग्रह के लिए आवश्यक है, क्योंकि वे जलवायु संतुलन और जैव विविधता में अहम भूमिका निभाते हैं.
समुद्री पर्यावरण बचाने के उपाय बताए: जब बच्चों ने सवाल पूछे कि समुद्री पर्यावरण को कैसे बचाया जा सकता है, तो आस्तिका ने स्पष्ट शब्दों में बताया कि प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना, समुद्री संसाधनों का संतुलित उपयोग करना और जलवायु परिवर्तन से निपटना जरूरी है. उन्होंने यह भी बताया कि समुद्र में जाने वाले कचरे को रोकना और पर्यावरण के प्रति सजग रहना सभी की जिम्मेदारी है.
परिवार और प्रेरणा: आस्तिका यूएस के कैलिफोर्निया में रहती हैं. उनके पिता जितेंद्र अग्रवाल मोबाइल कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. परिवार से मिले सहयोग और विज्ञान में रुचि ने ही आस्तिका को इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया. बयाना के बच्चों ने इस कार्यक्रम में उत्साह के साथ भाग लिया. उन्होंने आस्तिका से कई सवाल पूछे और समुद्री जीवन को लेकर नई जानकारियां प्राप्त की.




















