जोधपुर: जोधपुर, बाड़मेर व नागौर जिलों में शनिवार को मानसून की जोरदार मेहरबानी हुई. जोधपुर जिले में सबसे ज्यादा छह इंच बारिश बालेसर में दर्ज की गई. बारिश का दौर सुबह शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा. बालेसर समेत कई कस्बों में घरों में पानी घुस गया. सड़कें दरिया बन गई. इससे जनजीवन प्रभावित हुआ. इसी तरह जोधपुर शहर में भी शनिवार शाम तक 66.5 एमएम बारिश हुई. शहर में दो दिन में 96 एमएम बरसात हो चुकी.
जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने जिले के सभी अधिकारियों को बारिश के दौरान सतर्क व फील्ड में रहने के निर्देश दिए. मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का दौर शनिवार सुबह 8 बजे से शुरू हुआ, जो शाम तक चला. उसके बाद देर रात तक रूक-रूककर बरसात होती रही. बालेसर में 175 मिमी वर्षा दर्ज की गई. कई जगह खेत, स्कूल, अस्पताल और बाजारों में पानी भर गया. कच्चे मकान गिरने व आवागमन ठप हो गया. इधर, जोधपुर शहर में निचले इलाकों में जलभराव के हालत बन गए. सूरसागर के पास जेवा में पानी भरने से रात को हालात विकट हो गए. बनाड़ रोड पर भी लोग परेशान रहे. भीतरी शहर में एक घर को दीवार ढह गई, हालांकि इससे जनहानि नहीं हुई.
बारिश की आगे क्या संभावना: मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जोधपुर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना था. इससे जमकर बारिश हुई. अब कम दबाव का क्षेत्र जैसलमेर की तरफ से पाकिस्तान मूव करेगा. लिहाजा अगले दो दिन हल्की या मध्यम बारिश का अनुमान है. कम दबाव का नया क्षेत्र 23 जुलाई के आसपास बनने या मूव होने की संभावना है.
अमृतनगर बांध टूटा: बालेसर में 8 घंटे में 6 इंच पानी बरसा. कस्बे सहित आसपास पानी भर गया. अमृतनगर बांध टूटने से पानी जाटी भांडू तक पहुंच गया. शेरगढ़ के खिरजा तिबना में बाढ़ के हालात बन गए. लोगों को ऊंची जगह शिफ्ट किया गया. पीपाड़ में भारी बारिश हुई. सेखाला में 110, बावड़ी में 93, ओसियां में 78, भोपालगढ़ में 64, शेरगढ़ में 60 और चांमू में 30 एमएम बारिश हुई.
बाड़मेर में जमकर बरसे बदरा: उधर, थार नगरी बाड़मेर में मानसून जमकर मेहरबान हुआ. मौसम विभाग के अनुसार बाड़मेर में 44 मिमी और ग्रामीण में 48 मिमी बारिश दर्ज की गई। शनिवार रात मूसलधार बारिश से शहर की सड़कें दरिया बन गईं. बाड़मेर में सड़कों पर एक से डेढ़ फीट पानी बहता नजर आया. इससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कत हुई. बीते दो दिन में हुई अच्छी बारिश से फसलों को जीवनदान मिला है. बाड़मेर के आसमान में देर शाम अचानक काले घने बादल आए व थोड़ी देर बाद तेज बारिश शुरू हो गई. यह देर रात तक जारी रही. कुछ ही देर में सड़कों पर पानी भर गया. शहर में सिणधरी रोड ओवरब्रिज, कृषि मंडी आवासीय कॉलोनी, सब्जी मंडी परिसर, किसान भवन परिसर, रोडवेज बस स्टैंड, बलदेव नगर, शास्त्री नगर अंडरब्रिज समेत कई जगह जल भराव हो गया. बारिश के कारण शहर की बिजली भी कई घंटे गुल रही. जिले में सर्वाधिक बारिश धनाऊ में 65 मिमी और सबसे कम बारिश शिव में 5 मिमी दर्ज की गई. बाड़मेर जिले में पिछले 24 घंटों में 36.83 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई.
नागौर में बारिश का रिकॉर्ड: नागौर जिले में पिछले 24 घंटों में 101 एमएम बरसात हुई. रियांबड़ी और मेड़ता समेत कई गांवों के तालाब लबालब हो गए. उनका पानी सड़कों व खेतों में घुस गया. जायल व सांजू को छोड़कर बाकी 7 तहसीलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है.इस बार जिले में 10 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है. जिले में औसतन 387 एमएम बारिश हो गई, जबकि औसत 351 मिमी है. वर्ष 2023 का बारिश का रिकॉर्ड टूट चुका है.
सड़क पर तैरते दिखी मछलियां: रियांबड़ी के लांपोलाई में 24 घंटे में जमकर बारिश से नाडी और तालाब ओवरफ्लो हो गए. इसके चलते तालाब से बड़ी संख्या में मछलियां सड़कों पर आ गई. राहगीरों ने सड़क पर तैरती मछलियों का वीडियो बनाया. मछलियां देखने भीड़ हो गई.
मकान ढहे: नागौर और खींवसर में शनिवार से लगातार बारिश के कारण कई जगह पानी भर गया. कई मकान गिर गए.खींवसर में सड़कें दरिया बन गई तो खेत तालाब बन गए. नागौर में नगर परिषद पार्क में घुटनों तक पानी भर गया.नक्शा गेट के पास मकानगिर गया. हालांकि जनहानि नहीं हुई.
कहां कितनी बारिश मिमी में
- रियांबड़ी 491
- डेगाना 488
- खींवसर 477
- मेड़ता 456
- डेह 344
- मुंडवा 332
- नागौर 329
- सांजू 339
- जायल 234




















