राजस्थान की सियासत में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने करारा तंज कसा है। गहलोत द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दिए गए बयान पर शेखावत ने सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी लपेटे में ले लिया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए ‘आलू से सोना’ बनाने वाले बयान की याद दिला दी।
दरअसल, अशोक गहलोत हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित ओबीसी काउंसिल की बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, “कंप्यूटर, सूचना प्रौद्योगिकी और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भारत की तरक्की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दूरदृष्टि का परिणाम है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले समय में AI देश की दिशा और दशा दोनों बदल सकता है।
शेखावत ने ली चुटकी, राहुल को भी घेरा
गहलोत के इस बयान पर केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत चुप नहीं रहे। उन्होंने अशोक गहलोत का वीडियो शेयर करते हुए कटाक्ष किया—
“इसी सिलसिले में आप राहुल जी के ‘आलू से सोना’ बनाने वाले सपने के बारे में भी बता देते तो बहुतों का ज्ञानवर्धन हो जाता।”
गजेंद्र सिंह ने अपने पोस्ट में ना सिर्फ राहुल गांधी के विवादित बयान को फिर से सुर्खियों में ला दिया, बल्कि कांग्रेस की तकनीक को लेकर समझदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए।
क्या था ‘आलू से सोना’ वाला बयान?
2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी की एक रैली का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह कहते नजर आए थे—
“हम ऐसी फैक्ट्री लगाएंगे जिसमें एक तरफ से आलू डालो, दूसरी तरफ से सोना निकले।”
हालांकि, यह वीडियो अधूरा था और बाद में कहा गया कि उनकी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। बावजूद इसके, विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया और राहुल गांधी का जमकर मजाक उड़ाया गया। आज भी यह बयान सोशल मीडिया पर ‘राजनीतिक मीम मटेरियल’ बना हुआ है।
BJP बनाम कांग्रेस: AI से शुरू, तंज पर खत्म
गहलोत ने जहां AI को राजीव गांधी की सोच का नतीजा बताया, वहीं शेखावत ने इसे ‘कांग्रेस की टेक्नोलॉजी वाली सोच’ का मजाक बताते हुए राहुल गांधी की याद दिला दी।
राजनीतिक गलियारों में इस बयानबाजी ने फिर से कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया सिलसिला शुरू कर दिया है।
शेखावत का निशाना—राजनीति या रणनीति?
राजस्थान में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए नेताओं की सक्रियता और सोशल मीडिया जंग दोनों तेज हो चली है। गजेंद्र सिंह शेखावत का यह बयान केवल व्यंग्य भर नहीं, बल्कि भाजपा की ओर से कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल खड़ा करने की रणनीति भी मानी जा रही है।
इस बयानबाजी से एक बात तो साफ है—राजनीति में कोई मुद्दा छोटा या पुराना नहीं होता। कभी भी कोई बयान, फिर से तंज का हथियार बनकर सामने आ सकता है। इस बार AI के बहाने गहलोत को घेरा गया, और साथ में राहुल गांधी की पुरानी बातों की भी ‘सुनवाई’ हो गई।




















