एंटी टेररिज्म स्क्वाड ने साल 2023 में राजस्थान के भिलवाड़ा से मोहम्मद सोहेल बिष्टी नाम के शख्स को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दरअसल मोहम्मद सोहेल बिष्ट भी ऑनलाइन गेम फ्री फायर का शौकीन था और इसी फ्री फायर के चलते वह पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आ गया। चार्जशीट के मुताबिक ऑनलाइन गेम खेलते-खेलते वह ऐसे चैट ग्रुप्स तक पहुंच गया जिनमें से कई कथित तौर पर पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से संचालित कट्टरपंथी नेटवर्कों से जुड़े थे।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक एटीएस के चार्जशीट में कहा है कि, सोहेल ऐसे 60 से ज़्यादा ऑनलाइन ग्रुप्स का सदस्य बन गया और उनमें से कई में एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर काम करता रहा। ये ग्रुप गेमिंग फ़ोरम की आड़ में काम करते थे, लेकिन एटीएस के अनुसार, ये भारत विरोधी दुष्प्रचार फैला रहे थे। इन्हीं ग्रुप के ज़रिए सोहेल ने पाकिस्तानी फ़ोन नंबरों पर काम करने वाले लोगों से संपर्क करना शुरू किया। चार्जशीट के मुताबिक उसके फोन के कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव किए गए नामों में हमीद मुस्तफ़ा, महबूब अली और पीके रावलपिंडी जैसे नाम शामिल थे। अधिकारियों का मानना है कि ये लोग सीमा पार से चलाए जा रहे डिजिटल सेल से जुड़े हैं।
नाम बदलकर चलाता था यूट्यूब चैनल
एटीएस का आरोप है कि सोहेल, ‘मुजाहिद मियां’ के नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाता था जो भड़काऊ कंटेंट फैलाता था, जिसमें तालिबान लड़ाकों के दृश्य और बाबरी मस्जिद, जामा मस्जिद और 2022 के अमरावती दंगों से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के फुटेज शामिल थे। फोरेंसिक टीमों ने उसके डिवाइस से बरामद किए गए कई वीडियो में सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ सामग्री होने की बात कही थी। इसके अलावा वह इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर भी ऐक्टिव था। अपनी पहचान छिपाने के लिए वह एक साथ कई सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था। वह एक फोन का हॉटस्पॉट ऑन कर दूसरे फोन से वीडियो अपलोड करता था ताकी उसका आईपी एड्रेस किसी को पता ना चले।
15 सितंबर, 2023 को कई हफ्तों डिजिटल निगरानी के बाद, एटीएस अधिकारियों ने सोहेल को भीलवाड़ा स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद 28 फरवरी 2024 को फ़ोरेंसिक टीम ने सोहेल के मोबाइल डिवाइस और डिजिटल फ़ुटप्रिंट की सामग्री का विवरण देते हुए अपनी रिपोर्ट पेश की। 11 मार्च, 2024 को राजस्थान राज्य सरकार ने मामले को संवेदनशील बताते हुए, यूएपीए और आईपीसी की धाराओं के तहत सोहेल पर मुकदमा चलाने की आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी। इसके बाद 2 जून, 2025 को एटीएस ने जयपुर सेशन कोर्ट में एक चार्जशीट दाखिल की




















