अशोक गहलोत ने हाल ही में जयपुर छात्रों की ओर से किए गए अनोखे प्रदर्शन के बाद अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लंबी चौड़ी पोस्ट कर उनकी मांगों का समर्थन किया है. गहलोत ने कहा कि इसका व्यक्तित्व निर्माण में भी अहम योगदान होता है. लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका और सशक्त हो इसलिए स्व.राजीव गांधी ने वोटिंग की उम्र को 18 वर्ष किया था ताकि युवाओं की लोकतंत्र में भागीदारी बढ़े.
भाजपा सरकार युवाओं को निराश कर रही है
गहलोत ने आगे लिखा कि यह सर्वविदित है कि मैं छात्रसंघ की राजनीति में सक्रिय रहा था. देश प्रदेश के कई नेता चाहे वो किसी भी पॉलिटिकल पार्टी के हों उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्रसंघ की राजनीति से की थी. राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव करवाने की मांग काफी समय से प्रदेश के युवा कर रहे हैं. लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार उन्हें निराश कर रही है. गहलोत ने कहा कि मैं समझता हूं कि चुनाव करवाने में सरकार को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.
सरकार को चुनाव को कराने के बारे में सकारात्मक फैसला लेना चाहिए
इसके साथ ही गहलोत ने खुद के कार्यकाल के अंतिम साल में नहीं कराए गए छात्रसंघ चुनावों को लेकर सफाई भी दी है. गहलोत ने कहा कि हमारे समय में विधानसभा चुनाव का वर्ष होने के कारण चुनाव स्थगित किए थे. मैं पहले भी कई बार मांग कर चुका हूं और अब पुनः दोहराना चाहता हूं कि सरकार को अविलंब छात्रसंघ चुनाव को कराने के बारे में सकारात्मक फैसला लेना चाहिए.
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छात्रों ने आरयू के बाहर किया था अनोखा प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर बुधवार को छात्र नेताओं ने जयपुर में राजस्थान यूनिवर्सिटी में अनोखा प्रदर्शन किया था. छात्रों ने प्रदेश में यूनिवर्सिटी से निकले विभिन्न राजनेताओं के यूनिवर्सिटी गेट पर कटआउट लगाए. युवा छात्र नेता कटआउट लगाकर यूनिवर्सिटी मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे थे. वे राज्य सरकार से छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे थे. इन छात्र नेताओं का सवाल था कि अगर छात्रसंघ चुनाव नहीं होते तो क्या ये सभी प्रखर राजनेता प्रदेश की राजनीति को मिलते?