जयपुर के चित्रकूट इलाके में 26 जून 2025 को पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए एवरशाइन टॉवर में स्थित रियुचल सैलुन एंड स्पा सेंटर पर छापा मारा. इस छापेमारी में स्पा सेंटर के संचालक राहुल यादव और मालिक अमन के खिलाफ अनैतिक गतिविधियों के आरोप में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने मौके से 5 महिलाओं और 5 पुरुषों को हिरासत में लिया, जिनके खिलाफ देह व्यापार और अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्तता का संदेह है. यह कार्रवाई डीसीपी (वेस्ट) अमित कुमार की अगुवाई में की गई, जिन्हें स्थानीय लोगों और खुफिया सूत्रों से स्पा सेंटर में चल रही अनैतिक गतिविधियों की शिकायत मिली थी.
जयपुर के चित्रकूट थाना क्षेत्र में स्थित एवरशाइन टॉवर एक व्यस्त व्यावसायिक इलाका है, जहां कई दफ्तर और व्यवसाय चलते हैं. रियुचल सैलुन एंड स्पा सेंटर इस टॉवर में पिछले कुछ समय से संचालित हो रहा था. स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि मसाज और स्पा की आड़ में इस सेंटर में देह व्यापार और अन्य अवैध गतिविधियां चल रही है. इस सूचना के आधार पर चित्रकूट थाना पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन की योजना बनाई। डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि छापेमारी से पहले पुलिस ने सेंटर की गतिविधियों पर नजर रखी और पुख्ता सबूत जुटाए गए थे.
26 जून की शाम को पुलिस ने एवरशाइन टॉवर में रियुचल सैलुन एंड स्पा सेंटर पर छापा मारा. मौके पर पुलिस को आपत्तिजनक स्थिति में 5 महिलाएं और 5 पुरुष मिले. प्रारंभिक जांच में पता चला कि स्पा सेंटर में मसाज की आड़ में देह व्यापार चल रहा था. पुलिस ने संचालक राहुल यादव को गिरफ्तार कर लिया, जो सेंटर का रोजाना का संचालन देखता था. सेंटर के मालिक अमन के खिलाफ भी भारतीय दंड संहिता (BNS) और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (Immoral Traffic Prevention Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह रैकेट कितने समय से चल रहा था और इसमें कितने लोग शामिल थे.
डीसीपी अमित कुमार ने बताया, “हमें स्थानीय लोगों और खुफिया सूत्रों से शिकायत मिली थी कि इस स्पा सेंटर में अवैध गतिविधियां चल रही है. हमने गोपनीय तरीके से जांच की और छापेमारी की योजना बनाई. मौके पर मिले सबूतों ने शिकायतों की पुष्टि की.” उन्होंने यह भी कहा कि जयपुर पुलिस ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और भविष्य में भी इस तरह के सेंटरों पर नजर रखी जाएगी.
पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को मेडिकल जांच के लिए भेजा है. साथ ही उनकी पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस रैकेट का कोई बड़ा नेटवर्क है? इस घटना ने समाज में एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए और क्या कदम उठाए जाने चाहिए. जयपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह इस तरह के अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी.




















