जयपुर. राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है. प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. भारत मौसम विज्ञान विभाग जयपुर केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, टोंक जिले के निवाई में 165 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सबसे अधिक है. इसके बाद जयपुर के चाकसू में 153 मिमी, सवाई माधोपुर के छोटखबरवाड़ा में 139 मिमी, दौसा के सिकराय में 119 मिमी और बूंदी जिले के बूंदी में 116 मिमी बारिश हुई.
जयपुर शहर में मोजामाबाद में 68 मिमी, फागी क्षेत्र में 108 मिमी बारिश दर्ज हुई. जोधपुर के भोपालगढ़ में 65 मिमी बारिश हुई जबकि कोटा के पिपलदा में 108 मिमी, लाडपुरा में 66 मिमी और कोटा एयरो में 115.8 मिमी भारी बारिश दर्ज हुई. वहीं, सवाई माधोपुर तहसील में 70 मिमी बारिश दर्ज हुई है. वहीं शहरों सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है.
आज कई हिस्सों में हुई भारी बारिश
बारिश की माप के अनुसार, भारी बारिश 64.5 से 115.5 मिमी, बहुत भारी बारिश 115.6 से 204.4 मिमी और अत्यधिक भारी बारिश 204.5 मिमी से ऊपर होती है. 21 जून को राजस्थान के कई हिस्सों में ‘बहुत भारी’ बारिश दर्ज हुई. राज्य में अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 42.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान भी यहीं 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं आर्द्रता की औसत मात्रा 75 से 100 प्रतिशत के बीच रही, जो मॉनसून के सक्रिय होने का संकेत है.
मॉनसून की इस बरसात से किसानों को खासा फायदा मिला है. टोंक, जयपुर, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. हालांकि, लगातार बारिश के कारण शहरों में जलभराव, सड़क जाम, और यातायात बाधा जैसी समस्याएं भी बढ़ गई हैं.जयपुर के कई हिस्सों में पानी जमा होने से आवाजाही प्रभावित हुई. ऐसे में प्रशासन को सतर्क रहने और आपात सेवाओं को सक्रिय करने की आवश्यकता है. वहीं जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी जैसे जिलों में प्रशासन की आपात टीमों को अलर्ट पर रखा गया है. बारिश के कारण संभावित जनहानि और क्षति को रोकने के लिए प्रशासन ने अपने संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की है.




















