माता-पिता का साथ बच्चों को मिल जाए और उनके करियर ग्रोथ में उनका हर तरीके से सहयोग मिले, तो उन्हें सफलता की बुलंदियों को छूने से कोई नहीं रोक सकता है. ऐसी कहानियां बहुत कम देखने को मिलता है. लेकिन आज हम आपको ऐसी ही कहानी जम्मू कश्मीर के आफताब इकबाल की बताने जा रहे हैं, जिन्होंने NEET UG-2025 परीक्षा में 622 अंकों के साथ जम्मू-कश्मीर में टॉप कर पूरे देश में 423वीं रैंक प्राप्त की हैं. यह उनके जीवन का पहला NEET प्रयास था, जिसमें उन्होंने शानदार परफॉर्म किया है.
नीट में हासिल की 622 अंक
NEET में 622 अंक लाने वाले आफताब जम्मू कश्मीर के रामबन के रहने वाले हैं. उनके डॉक्टर बनने के सपने की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने 9वीं और 10वीं कक्षा में बायोलॉजी, विशेष रूप से जेनेटिक विषय को समझना शुरू किया. उनके माता-पिता ने भी उनके मेडिकल करियर को लेकर सपने देखे, हालांकि उन्होंने कभी इस पर दबाव नहीं डाला.
NCERT की किताबें और मॉक टेस्ट पर रहा फोकस
इकबाल ने अपनी सफलता का श्रेय NCERT की पुस्तकों और लगातार मॉक टेस्ट देने को दिया. उन्होंने कहा कि रेगुलर स्टडी और आत्मविश्वास उनकी तैयारी की कुंजी थे. साथ ही कोचिंग संस्थान से भी अच्छी तरह मार्गदर्शन मिला है. अपने परिणाम देखकर आफताब खुद भी हैरान रह गए. प्रारंभ में उन्होंने आंसर की के आधार पर अपने अंक 618 गिने थे पर बाद में 622 अंक हासिल करने की पुष्टि हुई. हालांकि उन्होंने 423वीं रैंक देखकर भगवान का धन्यवाद किया.
परिवार का सहयोग और स्कूल की भूमिका
आफताब गवर्नमेंट हाई स्कूल खादी के छात्र थे, जहां के शिक्षक उनकी पढ़ाई में सहयोगी बने. उनके पिता ने कहा कि माता-पिता को बच्चों के साथ कड़ी मेहनत करनी चाहिए और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.




















