कोटा: आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी में प्रवेश के लिए 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी अंक प्राप्त करना जरूरी है. बड़ी संख्या में ऐसे कैंडिडेट होते हैं, जो जेईई मेन और एडवांस्ड की तैयारी कर रहे होते हैं, लेकिन उनके बोर्ड में 75 फीसदी अंक नहीं होते, ऐसे में वे प्रवेश से वंचित रह सकते हैं. इसे देखते हुए कई स्टूडेंट सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की इम्प्रूवमेंट परीक्षा में शामिल होते हैं.
इस परीक्षा के लिए आवेदन 9 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर 2025 तक होंगे. इसमें वे कैंडिडेट आवेदन कर सकते हैं, जो 12वीं बोर्ड की परीक्षा में इम्प्रूवमेंट करना चाहते हैं. कोटा के निजी कोचिंग संस्थान के करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि हर साल बड़ी संख्या में कैंडिडेट इम्प्रूवमेंट परीक्षा में बैठते हैं, खासकर वे जो जेईई मेन और एडवांस्ड की परीक्षा देने वाले होते हैं.
सीबीएसई की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, इन कैंडिडेट की परीक्षा फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026 में प्रस्तावित जेईई मेन परीक्षाओं के साथ आयोजित की जाएगी. आहूजा के अनुसार, जो कैंडिडेट इम्प्रूवमेंट के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें सीबीएसई की वेबसाइट पर दिए गए प्राइवेट कैंडिडेट लॉगिन से ऑनलाइन आवेदन करना होगा. यदि कोई स्टूडेंट सभी पांच विषयों में इम्प्रूवमेंट करना चाहता है, तो उसे 1600 रुपए फीस देनी होगी. वहीं, यदि वह एक या अधिक विषयों में इम्प्रूवमेंट देना चाहता है, तो प्रति विषय 320 रुपए परीक्षा शुल्क देनी होगी.
बढ़ सकते हैं इम्प्रूवमेंट आवेदन: अमित आहूजा ने बताया कि हर वर्ष जेईई एडवांस्ड और जेईई मेन में शामिल होने वाले कैंडिडेट में सबसे ज्यादा सीबीएसई बोर्ड से होते हैं. वर्ष 2020 से 2022 तक आईआईटी, एनआईटी में प्रवेश के लिए बोर्ड अंकों की पात्रता में छूट दी गई थी. इसके बाद 2023 से पात्रता लागू की गई, जिसमें 12वीं बोर्ड में टॉप-20 पर्सेन्टाइल या 75 फीसदी अंक अनिवार्य किए गए.
इस वर्ष 2026 में भी आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी सहित अन्य संस्थानों में प्रवेश की पात्रता लागू रहेगी. ऐसे में जो स्टूडेंट बोर्ड पात्रता पूरी नहीं कर पाए हैं, उन्हें समय पर आवेदन कर इम्प्रूवमेंट परीक्षा देनी होगी. आहूजा ने बताया कि बीते वर्ष कई कैंडिडेट बोर्ड पात्रता को लेकर असमंजस में थे और आवेदन से चूक गए थे. इसके चलते वे जेईई मेन और एडवांस्ड में अच्छी रैंक लाने के बावजूद प्रवेश से वंचित रह गए थे, इसलिए इस वर्ष इम्प्रूवमेंट परीक्षा में बैठने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने की संभावना है.




















