जयपुर के ताराचंद अग्रवाल जी ने 71 साल की उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनकर दिखा दिया कि पढ़ाई और मेहनत की कोई उम्र नहीं होती. जब लोग इस उम्र में आराम करने की सोचते हैं, तब उन्होंने पोती की पढ़ाई में मदद करते-करते खुद का सपना पूरा कर लिया.
पोती की पढ़ाई ने बदली जिंदगी
ताराचंद अग्रवाल पहले स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (SBBJ) में जॉब करते थे, लेकिन रिटायरमेंट के बाद भी उनकी हिम्मत कम नहीं हुई.उन्होंने सीए बनने का सपना तब देखा जब उनकी पोती CA की तैयारी कर रही थी. दादाजी ने सोचा क्यों न बीटिया को थोड़ा सपोर्ट कर दूं. ऐसे में उन्हें खातों की किताबें, बैलेंस शीट और टैक्स के पेपर पढ़ते-पढ़ते उन्हें मजा आने लगा. फिर उन्होंने ठान लिया-अब मैं भी CA बनूंगा! उम्र की थकान और कमजोर याददाश्त के बावजूद उन्होंने मेहनत की और देश के सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक एग्जाम को पास कर लिया.
सोशल मीडिया पर छाई कहानी
CA निकहिलेश कटारिया ने उनकी ये प्रेरणादायक जर्नी को लिंक्डइन पर शेयर किया और लिखा-जहां चाह, वहां राह.जिसके बाद ये पोस्ट वायरल हो गई. लोग उन्हें दादाजी हीरो कह रहे हैं. एक यूजर ने लिखा-71 में CA बनना कमाल है,सीखने की कोई उम्र नहीं.दूसरे ने लिखा कि ये हिम्मत हर किसी में नहीं.कमेंट्स में तारीफों का तांता लगा है और लोग उनकी लगन को सलाम कर रहे हैं.
14,247 स्टूडेंट्स बने CA
ICAI ने 6 जुलाई को CA फाइनल 2025 के रिजल्ट्स जारी किए. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर के रंजन काबरा ने टॉप किया.उन्होंने 600 में से 516 मार्क्स (86%) लाकर ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR-1) हासिल की. निष्ठा बोथरा (AIR-2) और मानव राकेश शाह (AIR-3) भी टॉप 3 में हैं. इस साल 14,247 स्टूडेंट्स CA बने लेकिन ताराचंद जी का नाम सबसे खास है, जिन्होंने उम्र के हर बहाने को पीछे छोड़ दिया.
युवाओं के लिए बने मिसाल
ताराचंद की कहानी हमें सिखाती है कि हौसला हो तो कुछ भी मुमकिन है. अगर 71 साल के दादाजी CA बन सकते हैं, तो आप भी अपने सपनों को हकीकत बना सकते हो.पढ़ाई में मेहनत करें,टाइम मैनेज करें और कभी हार मत मानें. चाहे कोई CA बनना चाहे या कोई और जॉब कोशिश जारी रखें. सफलता जरूर मिलेगी.




















