जयपुर: कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस पर सवाल उठाने पर पलटवार किया. रंधावा ने कहा कि पूरा देश जानता है कि कांग्रेस अपने मुल्क और सेना के साथ खड़ी है. हमें पीएम मोदी से देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए. रंधावा ने जयपुर में एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि पीएम पहलगाम हमले में मारे लोगों को हिंदू बता रहे हैं, जबकि वो हिंदू नहीं, हिंदुस्तानी थे. पीएम मोदी से ऐसे बयान की अपेक्षा नहीं थी.
हम 1965 और 71 में पाक को घुटनों पर लाए: रंधावा ने कहा कि पीएम को याद रखना चाहिए कि कांग्रेस सरकार ने 1965 और 1971 की जंग में पाक को घुटनों पर ला दिया था. 1965 में पाक के लगभग एक लाख सैनिकों को बंदी बनाया था. 1971 में पाक के दो टुकड़े किए थे. पीएम मोदी भले इस मामले में इंदिरा गांधी का नाम ना लें, लेकिन सैन्य अधिकारी का नाम तो लेना ही चाहिए. हमने पाक का वो हाल कर दिया था कि 50 साल तक पाक ने कभी सिर नहीं उठाया.
ट्रंप के बयान पर क्यों नहीं बोले मोदी: रंधावा ने कहा कि हमारी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर तो अच्छा किया, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप बार-बार व्यापार की धमकी देकर सीजफायर कराने की बात कर रहे हैं. पाक के जनरल को लंच पर बुलाया, इस पर पीएम मोदी को मुंह खोलना चाहिए. अपने भाषण में भी इसका जिक्र नहीं किया. इस पर पीएम को बोलना चाहिए था. 1971 की जंग में पाक बार-बार हमारे सामने सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा था, लेकिन हमने उसकी एक ना सुनी. 24 घंटे उस पर हमला किया, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीजफायर हुआ तो उसी रात पाक ने राजस्थान व पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ड्रोन हमले किए थे.
फील्ड से दूर भाजपा नेता: कांग्रेस नेता रंधावा ने कहा कि ‘पंजाब के सीमावर्ती जिलों से लोकसभा का सांसद हूं, जो पठानकोट से डेरा बाबा तक आता है. मैं चार दिन अपने क्षेत्र में था, लेकिन भाजपा का कोई नेता फील्ड में नजर नहीं आया’. पाक प्रॉक्सी वॉर लड़ रहा है. पीएम मोदी ने भाषण में एक बार भी नहीं कहा कि पाक पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिए अवैध हथियार और ड्रग्स भेज रहा है. प्रधानमंत्री को खुद के बजाय सेना को क्रेडिट देना चाहिए. भारत को सीजफायर नहीं करना चाहिए था. पाक के तीन टुकड़े करने चाहिए थे-सिंध, बलूचिस्तान और पंजाब ताकि वह दोबारा सिर नहीं उठा सके.
इतने दिन कहां छिपा था मास्टरमाइंड: रंधावा ने कहा कि सरकार पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड को मारने का दावा कर रही है, लेकिन यह भी बताएं कि इतने दिन वो कहां रहा और उसे पहले क्यों नहीं मार गिराया? आतंकियों को मारना हमारी सरकार का फर्ज है, लेकिन इसमें देरी की गई. इस पर गृहमंत्री को जवाब देना चाहिए था. इस मामले में विपक्षी दल सरकार के साथ हैं. गैंगस्टर और आतंकियों को खत्म करना सरकार की जिम्मेदारी है, चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की. जहां भी गुंडागर्दी और लॉ एंड ऑर्डर खराब होने की नौबत आए, सरकार को दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए.




















