जयपुर. पश्चिम अफ्रीकी देश माली में पिछले दिनों हुए आतंकी हमले में तीन भारतीय बंधक बना लिए गए थे. बंधक बनाए गए लोगों में जयपुर शहर के रहने वाले 61 साल के बुजुर्ग प्रकाशचंद जोशी भी शामिल हैं. आतंकियों ने वहां जिस सीमेंट प्लांट पर हमला किया था जोशी उसके प्रोजेक्ट मैनेजर थे. 12 दिन बीत जाने के बाद भी वे अभी तक रिहा नहीं हो सके हैं. जयपुर में रहने वाले उनके परिवार के लोग बेहद परेशान हैं. परिवार का एक-एक पल आंसुओं और आशंकाओं के बीच बीत रहा है. अभी तक कहीं से कोई मदद नहीं होने से मायूस परिवार ने अब सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है. परिवार को पूरा यकीन है कि पीएम मोदी बंधक बनाए गए भारतीयों को छुड़ाकर उन्हें सुरक्षित भारत लाने का काम जरुर करेंगे.
जयपुर शहर के मारवाड़ी परिवार के रहने वाले प्रकाशचंद जोशी देश विदेश की अधिकांश बड़ी सीमेंट कंपनियों में बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर काम कर चुके हैं. हैदराबाद की एक कंपनी पश्चिम अफ्रीकी देश माली में सीमेंट का एक प्लांट लगा रही है. कंपनी ने प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर इस प्लांट की जिम्मेदारी प्रकाशचंद जोशी को दी थी. वे 30 मई को तीन महीने के लिए भारत से रवाना हुए थे. प्लांट में ही उन्हें और भारत से गए दूसरे लोगों को रहने की जगह दी गई थी.
अज्ञात बंदूकधारी आतंकियों ने हमला कर दिया था
एक जुलाई को शाम करीब सात बजे उनके प्लांट पर सौ से ज्यादा अज्ञात बंदूकधारी आतंकियों ने हमला कर दिया था. आतंकियों ने पूरे प्लांट में जमकर तोड़फोड़ करते हुए वहां आगजनी और लूटपाट की. प्लांट को तबाह करने के बाद आतंकी प्रकाशचंद जोशी के साथ ही दो अन्य भारतीयों को अगवा कर अपने साथ ले गए. तीन चार दिन बाद तीनों की एक तस्वीर भी जारी की गई. तस्वीर देखकर ऐसा लग रहा है कि उन्हें किसी जंगली इलाके में रखा गया है. इस हमले की जिम्मेदारी अल-कायदा से जुड़े संगठन ‘जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन’ ने ली थी.
आखिरी बार बातचीत हमले से एक दिन पहले 30 जून को हुई थी
प्रकाश जोशी की परिवार वालों से आखिरी बार बातचीत हमले से एक दिन पहले 30 जून को हुई थी. परिवार वालों को उनके अगवा होने की जानकारी कंपनी की तरफ से दो दिन बाद दी गई. अगवा कर बंधक बनाए जाने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. प्रकाश जोशी के परिवार में पत्नी सुमन के अलावा उनकी दो बेटियां हैं. पूरा परिवार तब से बेहद परेशान है. पत्नी सुमन की आंख के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. मुंबई में जॉब कर रही बड़ी बेटी चित्रा बीमार मां को संभालने के लिए जयपुर आ गई है.
अनहोनी की आशंका उन्हें हर वक्त सताती रहती है
परिवार लगातार माली की राजधानी बमाको में स्थित भारतीय दूतावास के साथ ही हैदराबाद की कंपनी और भारतीय विदेश मंत्रालय से संपर्क में है. दूतावास और कंपनी की तरफ से उन्हें लगातार जल्द ही सब कुछ ठीक होने का भरोसा दिलाया जा रहा है. लेकिन विदेश मंत्रालय उनके मेल और ट्वीट का जवाब भी नहीं दे रहा है. परिवार के लोग बेहद डरे हुए हैं. किसी अनहोनी की आशंका उन्हें हर वक्त सताती रहती है.
अब पीएम नरेंद्र मोदी से लगाई मदद की गुहार
जयपुर शहर के वैशाली नगर इलाके में चित्रकूट रोड पर रहने वाला परिवार अब पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगा रहा है. परिवार का मानना है कि पीएम मोदी ने दुनिया के तमाम देशों में फंसे हुए भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने का काम किया है. परिवार ने पीएम मोदी से गुहार लगाई है कि वे इस मामले में भी दखल दें और प्रकाश चंद जोशी के साथ ही बंधक बनाए गए दो अन्य भारतीयों को वहां से छुड़ाकर सुरक्षित हिंदुस्तान वापसी कराएं. पत्नी सुनीता और बड़ी बेटी चित्रा का कहना है कि उन्हें अब बस भगवान और पीएम मोदी का ही आसरा है.




















