जयपुर: मानव तस्करी पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाने और इनमें लिप्त आपराधिक तत्वों के खिलाफ एक्शन के लिए राजस्थान पुलिस का शुक्रवार से जयपुर में आरपीए सभागार में दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का आज शुक्रवार को आगाज हुआ. इसमें मानव तस्करी के बदलते स्वरूप, पीड़ितों की पहचान और बचाव, उनके पुनर्वास के तरीके, अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जैसे पहलुओं पर मंथन किया जा रहा है. डीजी (इंटेलिजेंस) संजय अग्रवाल, डीजी (सिविल राइट्स और एएचटी) मालिनी अग्रवाल के साथ ही पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. प्रदेशभर से आए पुलिस अधिकारियों और संबंधित हितधारकों ने भी भाग लिया.
सीमापार भी होती है महिलाओं व बच्चों की तस्करी: डीजी मालिनी अग्रवाल ने बताया कि आज के परिप्रेक्ष्य में मानव तस्करी बहुत गंभीर समस्या है. हम आए दिन बच्चों-महिलाओं की तस्करी और बंधुआ मजदूरों के बारे में सुनते हैं. यह अकेले राजस्थान की ही नहीं, बल्कि देश के सभी राज्यों की समस्या है. आज दुनियाभर में मानव तस्करी ज्वलंत समस्या है. एक से दूसरे देश में भी तस्करी होती है. इन वारदात का कितना गहरा प्रभाव होता है, यह पीड़ित और उनके परिजन ही जानते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम किया जा रहा है.
प्रदेशभर से आए पुलिस अधिकारी: उन्होंने बताया कि राज्यों में भी पुलिस के अधीन एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट बनाई गई हैं. प्रदेश का गृह विभाग इसकी मॉनिटरिंग करता है. दो दिन के सम्मेलन में मानव तस्करी से जुड़े अहम पहलुओं पर बात की जा रही है. राजस्थान पुलिस के अलावा गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला आयोग, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और स्वयं सहायता समूह आदि इसमें भागीदारी निभा रहे हैं. जिलों में महिला अपराधों की जांच के लिए बनी स्पेशल यूनिट के एएसपी भी आए हैं. जिलों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के अफसरों की भी भागीदारी निभा रहे हैं.
पहले दिन इन मुद्दों पर हुई चर्चा: इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जागरूकता लाना, नियमों और कानूनों के बारे में लोगों को बताना, सफलता की कहानियों को शेयर करना और केस स्टडीज को लोगों तक पहुंचाना है. पहले दिन मानव तस्करी की स्थिति और सफलता की कहानियों पर चर्चा की गई. प्रदेशभर से आए पुलिस अधिकारियों और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने केस स्टडी साझा की. अन्य राज्यों से आए वक्ताओं ने मानव तस्करी से निपटने के लिए नई तकनीक और प्रभावी कार्रवाई की भी जानकारी दी.
विस्तृत कार्ययोजना बनाकर होगा एक्शन: उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार यह सम्मेलन किया जा रहा है. राजस्थान पुलिस की ओर से मानव तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है. राज्य के गृह विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. मंजू विजय ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार मानव तस्करी को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला की गई है. इसमें पुलिस, विधि और श्रम विभाग के साथ ही अन्य संस्थाएं भी हिस्सा ले रही है. प्रदेश में मानव तस्करी पर किस तरह प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है. इस पर विशेषज्ञ चर्चा कर कार्ययोजना तैयार करेंगे.




















