जयपुर: ऑपरेशन सिंदूर के बाद बीजेपी एक बार फिर जनता की भावनाओं से जुड़े मुद्दे के जरिए आमजन के बीच पकड़ मजबूत करने की रणनीति बनाई है. आगामी 14 अगस्त को प्रदेश बीजेपी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाएगी. इस दिन भारत का विभाजन हुआ था. भाजपा इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और लोगों को विभाजन के दर्द की जानकारी देगी. पार्टी की ओर से स्वतंत्रता दिवस पर यह अभियान चलाया जाएगा. प्रदेश से लेकर मंडल स्तर तक इस दिन संगोष्ठी, कार्यशाला व युवा संवाद सहित कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. भाजपा की कोशिश है कि 14 अगस्त को भारत के विभाजन के दौरान पाकिस्तान से आए गैर-मुस्लिम समाज के साथ जो कुछ हुआ, उस दर्द को आमजन तक पहुंचाया जाए. भाजपा इस बहाने कांग्रेस के उस समय लिए गए निर्णय को आमजन तक पहुंचाते हुए भावनात्मक कार्ड खेलेगी.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि 14 अगस्त विभाजन विभीषिका का दिन है. यह दुखी करने वाला दिन था, जो आत्मा को झकझोर देने वाला है. उसे आम जनता तक पहुंचाने का काम पार्टी करेगी. राठौड़ ने कहा कि यह सिर्फ भू-भाग का बंटवारा नहीं था. एकाएक बता दिया गया कि पाकिस्तान से घर-बार छोड़कर जाना है. उस मन की पीड़ा को समझा जा सकता है. किस तरह से वहां से गैर-मुस्लिम समाज के लोगों को जिस अवस्था में थे, उसी में निकलना पड़ा. उस वक्त बहन-बेटियों के साथ जो हुआ, वह आज याद करते ही आत्मा रो पड़ती है. आम नागरिकों को यह इतिहास बताने की जरूरत है. राठौड़ ने कहा कि जो लोग अपने घरों में समृद्ध जीवन जी रहे थे, वे अपने सपने छोड़कर हिंदुस्तान आए और एक ही दिन में शरणार्थी बन गए.
उस रात की याद डराती है: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि विभाजन की घटना को याद किया जाए तो 14 अगस्त 1947 का दिन भारत के लिए इतिहास का एक गहरा जख्म है. वह जख्म आज भी ताजा है और भरा नहीं है. यह वह तारीख है, जब देश का बंटवारा हुआ और पाकिस्तान एक अलग देश बना. बंटवारे की शर्त पर ही भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली. राठौड़ ने कहा कि उस समय ‘मैं पैदा नहीं हुआ था, लेकिन जब उस रात की बात सुनता हूं तो वह मंजर डराता है. इस ऐतिहासिक तारीख ने कई खूनी मंजर देखे. उन्होंने कहा कि राजनीति से हटकर इस विषय को समझने की जरूरत है. उस समय किसी भी मानसिकता का व्यक्ति रहा होगा, उसे वहां से भागना पड़ा था. दोयम दर्जे का जीवन जीना पड़ा’.
विभाजन की विभीषिका और स्मृति दिवस: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भारत में 14 अगस्त को मनाया जाने वाला एक वार्षिक राष्ट्रीय स्मृति दिवस है, जो 1947 के भारत विभाजन के दौरान लोगों के पीड़ितों और कष्टों को याद करता है. इसे पहली बार 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद मनाया जाने लगा था.




















