जमवारामगढ़ के दीपोला गांव में बुधवार रात एक सनसनीखेज वारदात हुई — एक पिता ने अपने डेढ़ साल के बीमार बेटे को 200 फीट गहरे बोरवेल में फेंक दिया। वजह? घर में तनाव, बीवी का मायके जाना और शराब के नशे में धुत वहशतभरी हरकत।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मौके पर SDRF की 40 से ज्यादा लोगों की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
आरोपी ललित सैनी मज़दूर है और तीन बच्चों का बाप। एक महीने पहले पत्नी उससे झगड़कर मायके चली गई थी। तब से वो अकेले तीन बच्चों की परवरिश कर रहा था। बुधवार को उसका डेढ़ साल का बेटा राम बीमार पड़ गया। डॉक्टर को दिखाकर वो रात करीब 11 बजे घर लौटा। लेकिन बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसका शरीर ठंडा पड़ गया। शराब के नशे में धुत ललित ने घर के पास बंद पड़े बोरवेल का ढक्कन हटाया और मासूम को उसमें फेंक दिया।
ये बात तब सामने आई जब आरोपी ने अपने बड़े भाई से फोन पर कहा— “राम को सफेद कपड़े में लपेटकर बोरवेल में डाल दिया है, कर लो जो करना है।” दोनों भाइयों की शादी एक ही घर में दो बहनों से हुई है। बड़े भाई ने तुरंत ससुराल वालों को बताया, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी।
रात 12 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और ललित को हिरासत में ले लिया गया। गांव में हड़कंप मच गया। SDRF को दोपहर में बुलाया गया। सबसे पहले ट्रैक्टर से देसी जुगाड़ लगाया गया — लोहे के एंगल और रस्सी के सहारे बच्चे को पकड़ने की कोशिश हुई, लेकिन फेल। अब दूसरा तरीका अपनाया जा रहा है — लोहे की हुकदार क्लिप से मासूम को बाहर लाने की कोशिश की जा रही है।
SDRF कमांडर के मुताबिक, बच्चा करीब 90 फीट की गहराई में फंसा है और ऊपर से मिट्टी भी डाल दी गई थी, जिससे रेस्क्यू मुश्किल हो गया। बोरवेल की चौड़ाई महज 8 इंच है। मौके पर SDRF, सिविल डिफेंस और स्थानीय पुलिस मौजूद है।
जमवारामगढ़ सीओ प्रदीप यादव ने बताया कि आरोपी के बयान की पुष्टि की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि बच्चे की मौत पहले हुई या उसे जिंदा बोरवेल में फेंका गया। फिलहाल हत्या का मामला दर्ज कर सभी एंगल से जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय भाजपा नेता और पंचायतीराज प्रकोष्ठ के प्रदेश मीडिया प्रभारी हनुमान परिंदवाल ने कहा कि ललित शराबी है और पत्नी से कई बार मारपीट कर चुका है। कुछ दिन पहले भी उसने पत्नी को बेरहमी से पीटा था, तभी वो बच्चों को छोड़कर मायके चली गई।
गांव वालों के मुताबिक, ललित अकसर बच्चों को भी पीटता था और अक्सर नशे में रहता था। घटना के बाद गांव में सन्नाटा है और लोग दबी जुबान में कह रहे हैं — “जो खुद का खून नहीं बचा सका, वो अब क्या बचा सकता है?”
फिलहाल SDRF की टीम रेस्क्यू में जुटी है, पुलिस जांच में है और पूरा राजस्थान इस क्रूर बाप की हैवानियत से सन्न है।




















