राजस्थान के झालावाड़ जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलदा गांव स्थित सरकारी स्कूल की एक कक्षा की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 9 अब भी गंभीर घायल हैं। हादसे के समय कक्षा में कुल 35 छात्र मौजूद थे। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चे क्लासरूम में पढ़ाई कर रहे थे। अचानक छत का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया, जिससे छात्र मलबे में दब गए।
जिला हॉस्पिटल में भर्ती अधिकतर बच्चे बेहोशी की हालत में लाए गए। माता-पिता रोते हुए अपने बच्चों को गोद में लेकर हॉस्पिटल की ओर भागते नजर आए। अस्पताल में मातम और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कई अभिभावकों की हालत अपने बच्चों को इस हाल में देखकर बिगड़ गई।
हादसे को लेकर शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। लापरवाही के आरोप दो शिक्षकों पर लगे हैं। छात्रों द्वारा खतरे के संकेत दिए जाने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई। अब प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने हादसे को लेकर बयान देते हुए कहा कि “जो भी बच्चे दबे हुए थे, उन्हें निकाल लिया गया है। कुछ अस्पताल में भर्ती हैं और कुछ को घर भेजा गया है। हादसे को लेकर मेरे पास जो जानकारी है, उससे ज्यादा शायद मीडिया के पास है। हमने पहले ही शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे कि जर्जर भवनों वाले स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी जाए। इस स्कूल के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी। अब जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
इस हृदयविदारक हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहरा शोक जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “झालावाड़ के स्कूल हादसे की खबर से बहुत दुख हुआ। घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।” मुख्यमंत्री ने भी पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मामले में राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी संवेदना जताई है उन्होंने ट्वीट करके लिखा है झालावाड़ के पीपलोदी में विद्यालय की छत गिरने की दुखद घटना अत्यंत पीड़ादायक और हृदय को व्यथित करने वाली है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें।




















