झालावाड़: पिपलोदी स्कूल में छत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद सरकार और शिक्षा विभाग लगातार विवादों के घेरे में हैं. जहां एक ओर विपक्ष सरकार पर लापरवाही के आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ विभाग के कर्मचारी भी स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति को लेकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं. इसी कड़ी में एक शिक्षक को सरकार विरोधी बयान देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. इस मामले में अब तक शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों सहित 12 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है.
जिला शिक्षा अधिकारी भीम सिंह जाट ने बताया कि बकानी ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय थोबड़िया खुर्द में कार्यरत शिक्षक चंदन कुमार चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया है. चतुर्वेदी पर आरोप है कि उसने हादसे के बाद समाचार पत्रों व सोशल साइट पर सरकार के विरोध में सार्वजनिक बयानबाजी की है. शिकायत मिलने पर मामले की जांच करवाई गई. जांच में शिकायत की पुष्टि होने के बाद शिक्षक को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं. निलंबन काल में उसकी ड्यूटी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, डग में रहेगी.
अब तक 12 लोग निलंबित: बता दें कि मनोहरथाना कस्बे के पिपलोदी स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की जान चली गई थी, जिनमें 3 बालिकाएं और 4 बालक थे. जान गंवाने वालों में पायल, प्रियंका, हरीश, सतीश, कान्हा, कुंदन और मीना हैं. इनमें कान्हा और मीना सगे भाई-बहन थे. बच्चों की उम्र 8-13 वर्ष के बीच है. वहीं, हादसे में 20 से अधिक बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस हादसे के बाद से शिक्षा व पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर सख्त रुख अपनाए हुए हैं. हादसे के दिन मंत्री ने स्कूल में कार्यरत कार्यवाहक प्रधानाचार्य मीना गर्ग, प्रबोधक बद्रीलाल लोधा, शिक्षक रामविलास लववंशी, कन्हैयालाल सुमन और जावेद अहमद को तत्काल निलंबित करने के आदेश जारी किए थे.
वहीं, बीते रविवार को जिले की प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी नरसो मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार बालासोतिया, पूर्व मुख्य बीईईओ चंद्रशेखर लुहार, मनोहरथाना पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी मनभसर, समग्र शिक्षा के सहायक अभियंता प्रभुलाल और प्रारंभिक पंचायत शिक्षा अधिकारी राधेश्याम मीणा को निलंबित किया गया था. साथ ही, मनोहरथाना के कनिष्ठ अभियंता (जो संविदा पर कार्यरत थे) की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई थीं. ऐसे में, अब तक 12 लोग निलंबित हो चुके.
घटना के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा के साथ ही, नए स्कूल भवन के निर्माण के बाद मृतक बच्चों के नाम से कमरे बनाने की घोषणा की. साथ ही एक-एक परिजन को संविदा पर नौकरी का वादा किया. झालावाड़ में स्कूल में हुए हादसे के बाद अब शिक्षा विभाग पूरे प्रदेश में जर्जर स्कूलों को लेकर गंभीर हो गया है. शासन सचिव के आदेशों के बाद अब हर जिले में जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है.




















