जोधपुर: जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) ने विज्ञान संकाय के अंतर्गत वाइल्डलाइफ इको टूरिज्म पीजी डिप्लोमा कोर्स के लिए आवेदन आमंत्रित किया है. यह कोर्स राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत स्वीकृत है और वाइल्डलाइफ रिसर्च एवं कंजर्वेशन अवेयरनेस सेंटर की ओर से संचालित किया जाएगा. कुल 25 सीटों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 3 अगस्त है, जबकि विलंब शुल्क सहित आवेदन 11 अगस्त तक स्वीकार किए जाएंगे.
विश्वविद्यालय के वाइल्डलाइफ रिसर्च सेंटर में इस कोर्स के तहत दो सेमेस्टर के इस पाठ्यक्रम में छात्रों को वन्यजीव संरक्षण और इको टूरिज्म से जुड़े विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसमें थ्योरी क्लास के साथ-साथ प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर शैक्षणिक भ्रमण, वन्यजीव बहुल क्षेत्रों में फील्ड विजिट, वन्यजीव संकेतों का अध्ययन, प्रोजेक्ट वर्क, सेमिनार और एक माह की विशेष इंटर्नशिप शामिल हैं. यह कोर्स सिर्फ जोधपुर तक सीमित नहीं है. इसमें जयपुर, पाली, जालोर, बाड़मेर, सीकर, जैसलमेर, कोटा, सवाई माधोपुर सहित अन्य राज्यों जैसे मध्यप्रदेश के छात्र भी प्रवेश ले सकते हैं. इस क्षेत्र में पीजी डिप्लोमा सिर्फ जेएनवीयू में ही संचालित हो रहा है.
जेएनवीयू के वाइल्डलाइफ रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. हेम सिंह गहलोत ने बताया कि यह रोजगारोन्मुख कोर्स युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलता है. जिनमें से कई छात्र नेचर गाइड और पर्यटन क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं. कई छात्र इन क्षेत्रों में कार्यरत हैं तथा छात्रों ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में भी रोजगार प्राप्त किया है.
इस कोर्स के पाठयक्रम की विशेषताओ ने विद्यार्थियों को अपनी ओर खीचा है. उन्होंने बताया कि थ्योरी कक्षाओ के साथ साथ प्राकृतिक एव ऐतिहासिक स्थानों पर शैक्षणिक भ्रमण, वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्रो में फील्ड विजिट, वन्यजीवों के आभासी एव वास्तविक चिन्हों का अध्ययन करवाया जाता है.
विशेषज्ञ देते हैं मार्गदर्शन : कोर्स में वन्यजीवों के क्रियाकलापों पर प्रोजेक्ट कार्य, सेमिनार सहित एक माह की विशेष इंटर्नशिप आदि इस कोर्स के पाठयक्रम में विशेष रूप से पढ़ाए जाते हैं. इस पाठ्यक्रम में कोर्स के नाम अनुरूप ही विभिन्न पेपर– बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन, इको टूरिज्म, बेसिक वाइल्डलाइफ तथा कंजर्वेशन बायोलॉजी, हेरिटेज कंजर्वेशन एवं डेजर्ट इकोलॉजी के बारे में विभिन्न विषय विशेषज्ञ द्वारा अध्ययन करवाया जाता है. देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के एक्सपर्ट को आमंत्रित कर केंद्र में वन्यजीवों के संरक्षण के महत्वपूर्ण विषयों पर सेमिनार या वर्कशॉप का आयोजन भी प्रमुख आकर्षण है.
आवेदन की समय-सीमा :
- अंतिम तिथि – 3 अगस्त 2025.
- विलंब शुल्क सहित – 11 अगस्त 2025.
- सीटें – 25.
कोर्स की खास बातें :
- दो सेमेस्टर का रोजगारोन्मुख डिप्लोमा.
- थ्योरी के साथ फील्ड विजिट और इंटर्नशिप.
- प्रमुख विषय – बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन, इको टूरिज्म, बेसिक वाइल्डलाइफ, डेजर्ट इकोलॉजी.
- विशेषज्ञों के सेमिनार और वर्कशॉप का आयोजन.




















