राजनीति में अपने ही जब सवाल उठाने लगें तो मामला और भी दिलचस्प हो जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ है संजीवनी घोटाले में, जहां कांग्रेस सरकार के वक्त मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत पर अब उनके ही पूर्व OSD लोकेश शर्मा ने गंभीर आरोप जड़ दिए हैं। लोकेश ने खुलकर कहा है कि “संजीवनी घोटाले में असली धोखा तो अशोक गहलोत ने ही किया है, पीड़ितों को सिर्फ झांसा मिला और न्याय आज तक अधूरा है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अशोक गहलोत ने हाल ही में मीडिया के सामने संजीवनी घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए थे। लेकिन जैसे ही गहलोत का यह बयान सामने आया, लोकेश शर्मा ने उसे आड़े हाथों ले लिया और कहा कि “जिसकी नीयत ही साफ नहीं थी, वो न्याय दिलाने की बात कैसे कर सकता है?”
वीडियो शूट कर झांसा, रिपोर्ट तैयार नहीं करवाई
लोकेश शर्मा ने बताया कि गहलोत सरकार के समय सैकड़ों पीड़ितों को मुख्यमंत्री कार्यालय बुलाया गया। लेकिन उनका मकसद न्याय देना नहीं, बल्कि वीडियो शूट करवाकर प्रचार करना था। सिलसिलेवार वीडियो बनाए गए, भावुक बयान दिलवाए गए, और फिर वही वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर यह दिखाने की कोशिश की गई कि सरकार उनके साथ है।
लोकेश का कहना है कि “अगर गहलोत वाकई चाहते तो दो महीने में रिपोर्ट तैयार करवा कर गुनहगारों को जेल भेज सकते थे, लेकिन जानबूझकर मामले को दो साल तक लटकाया गया।” इसके पीछे उनकी नीयत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि गहलोत सिर्फ कुर्सी बचाने में जुटे थे, पीड़ितों की तकलीफों से उनका कोई लेना-देना नहीं था।
गहलोत का पुराना बयान बना उनके ही खिलाफ हथियार
दरअसल, अशोक गहलोत ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि “अगर हमारी भी नीयत भाजपा जैसी होती तो दो महीने में रिपोर्ट बनाकर कई लोगों को जेल भेज देते।” इसी बयान को कोट करते हुए लोकेश शर्मा ने पलटवार किया कि “इससे साफ है कि गहलोत की नीयत कभी साफ थी ही नहीं, अगर होती तो वो खुद ही ये कार्रवाई कर चुके होते।”
“कुर्सी गई, अब माफी मांग रहे हैं”
लोकेश शर्मा यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक और तीखा बयान पोस्ट करते हुए कहा कि गहलोत के पास सिर्फ कुर्सी का मोह था। वो बार-बार यही कहते थे कि “कुर्सी मुझे छोड़ नहीं रही”, लेकिन अब कुर्सी भी गई और वे केंद्रीय मंत्री पर लगाए झूठे आरोपों पर माफी मांगने की स्थिति में पहुंच चुके हैं।
कांग्रेस की ‘वीडियो पॉलिटिक्स’ पर बड़ा हमला
पूर्व OSD ने कांग्रेस सरकार की ‘वीडियो पॉलिटिक्स’ पर भी बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार ने संजीवनी घोटाले में असल कार्रवाई करने की बजाय, “ड्रामा और इमोशनल कार्ड खेला”। इस बीच हजारों पीड़ित इंसाफ के लिए भटकते रहे, लेकिन सरकार ने केवल फुटेज बनवाकर उनका इस्तेमाल किया।
निष्कर्ष: अब कांग्रेस जवाब दे
लोकेश शर्मा के इन आरोपों ने कांग्रेस को असहज स्थिति में डाल दिया है। एक ओर भाजपा लगातार गहलोत सरकार को घेर रही है, वहीं अब पार्टी के ही पुराने सहयोगी उन पर सीधे निशाना साध रहे हैं। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस “भीतरघात” का क्या जवाब देती है।
संजीवनी घोटाला अब केवल आर्थिक धोखाधड़ी का मामला नहीं रहा, यह कांग्रेस के भीतर विश्वासघात और नीयत के आईने में देखने की कहानी बन चुका है।




















