जयपुर: राजधानी जयपुर की भट्ठा बस्ती थाना पुलिस ने बाल श्रम करवाने के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. साथ ही 15 बच्चों को बालश्रम से मुक्त करवाया है. बच्चों से 12 से 14 घंटे तक लगातार गर्म लाख की चूड़ियां बनवाने का काम करवाया जा रहा था. आरोपी उन्हें ऐसे अंधेरे कमरे में रखते थे, जहां हवा भी नहीं पहुंच पाती थी. बदबूदार वातावरण में बच्चों से काम करवाया जा रहा था. खाने के लिए भी ठंडी और बासी रोटियां दी जाती थी. पुलिस ने 15 बच्चों को मुक्त करवाया है.
डीसीपी (नॉर्थ ) करण शर्मा ने बताया कि आरोपी अलग-अलग राज्यों से गरीब तबकों के बच्चों को उनके माता-पिता से पढ़ाई करवाने या घुमाने के बहाने लेकर आते थे, यहां लाकर उनसे चूड़ी बनवाने का काम करवाया जाता था. यहां उनसे 12 से 14 घंटे लगातार काम कराया जाता था. उन पर अत्याचार भी बहुत किया जा रहा था. समय पर खाना नहीं दिया जाता था.
खाने के लिए बासी रोटियां दी जाती थी. माता-पिता से बात नहीं करवाई जा रही थी. अधिक समय काम करवाने और अनियमित रूप से खाना खिलाने से बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे थे. पुलिस ने 15 बच्चों को मुक्त करवाकर बाल संरक्षण गृह में भिजवाया है. इस मामले में 6 आरोपियों बिहार निवासी ऋषिकांत मांझी, पवन कुमार, गौतम कुमार, नसीम अहमद, भट्ठा बस्ती जयपुर निवासी अफरोज आलम और सोहराब शेख को गिरफ्तार किया है.
उन्होंने बताया कि किशोर न्याय एवं बालकों की देखरेख संरक्षण अधिनियम 2015 और 3/14 बाल श्रम प्रतिषेध विनिमयन अधिनियम 1986, बालश्रम पद्धति एवं अधिनियम 1976 के तहत मामला दर्ज करके अनुसंधान किया जा रहा है. विशेष अभियान ‘उमंग’ के अंतर्गत बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी और मानव दुर्व्यवहार के उन्मूलन तथा पुनर्वास के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहे हैं.
विश्व मानव तस्करी निषेध दिवस पर पुलिस का संदेश: मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता और उनकी रक्षा के लिए 30 जुलाई को विश्व मानव तस्करी निषेध दिवस मनाया जाता है. इस मौके पर जयपुर में पुलिस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर विशेष संदेश दिया है. इसमें कहा गया है,’सलाखें सिर्फ लोहे की नहीं होती, कभी मजबूरी की होती हैं, कभी धोखे की. मानव तस्करी के खिलाफ एकजुट हो, संदिग्ध गतिविधि देखें तो तुरंत पुलिस को सूचना दें.’ मानव तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत 100 या 112 नंबर पर कॉल करें या नजदीकी थाने में सूचित करें.




















