जयपुर: राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं. पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी वर्षा दर्ज की गई. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा देखने को मिली. राज्य में सर्वाधिक वर्षा कोटा के रामगंजमंडी में 186.0 मिमी दर्ज की गई. तेज बारिश से मारवाड़ में बहने वाली लूणी नदी में भी पानी आ गया. मौसम विभाग के अनुसार राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान जैसलमेर में 38.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सिरोही में 21.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
मौसम केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा. इस सिस्टम के असर से पूर्वी राजस्थान में आज से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है. गत 17 जुलाई को कोटा और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. इधर, 18 जुलाई को कोटा और भरतपुर संभाग में भारी से अतिभारी बारिश, जबकि अजमेर, उदयपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है. बीकानेर संभाग में आगामी 2–3 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश, जबकि जोधपुर संभाग में कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश होने के आसार हैं.
रामगंजमंडी (कोटा) में सर्वाधिक 19 सेमी दर्ज: राजस्थान में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते कई जिलों में जोरदार बारिश हुई. पूर्वी राजस्थान के रामगंजमंडी (कोटा) में सबसे अधिक 19 सेमी वर्षा दर्ज की गई. सरमथुरा (धौलपुर) में 9 सेमी, असनावर (झालावाड़) में 8 सेमी और लालसोट (दौसा) में 6 सेमी बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा अलवर, बूंदी, टोंक, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, भीलवाड़ा, जयपुर, सवाई माधोपुर, कोटा और उदयपुर के कई स्थानों पर 1 से 5 सेमी के बीच वर्षा रिकॉर्ड की गई. पश्चिमी राजस्थान में नागौर तहसील (नागौर) में 5 सेमी, सुजानगढ़ (चूरू) में 2 सेमी और डीडवाना और राजगढ़ में 1 से 2 सेमी बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा जोधपुर, श्रीगंगानगर, बीकानेर और हनुमानगढ़ के कुछ हिस्सों में भी हल्की वर्षा हुई.मौसम विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर 1 सेमी से कम वर्षा भी रिकॉर्ड की गई है. बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली.
जयपुर में बारिश के आंकड़े रिकॉर्ड तोड़: राजधानी जयपुर में सुबह से हो रही तेज बारिश ने शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है. 22 गोदाम, रामबाग, महेश नगर, सहकार मार्ग, सिविल लाइंस, अजमेरी गेट, सांगानेरी गेट और शास्त्री नगर जैसे क्षेत्रों में पानी भरने से दुपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई निचले इलाकों और गड्ढों में पानी भर गया, जिससे आवाजाही बाधित रही. जयपुर में इस मानसूनी सीजन में अब तक 331.48 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, यह सामान्य से 180.41 मिमी ज्यादा है. पिछले साल 16 जुलाई तक केवल 210.37 मिमी बारिश दर्ज की गई थी. इस बार सामान्य से तेज और लगातार बारिश ने पिछले साल के आंकड़े पीछे छोड़ दिए हैं. शहर के विभिन्न इलाकों में रिकॉर्ड की गई बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं.
- एयरपोर्ट क्षेत्र में 395 मिमी
- सांगानेर में 366 मिमी
- जेएलएन मार्ग पर 346 मिमी
- कलेक्ट्रेट क्षेत्र में 273 मिमी
- आमेर में 223 मिमी
मूसलाधार बारिश से नागौर में जनजीवन प्रभावित: नागौर शहर में रातभर जारी बारिश से शिवबाड़ी, कुम्हारी दरवाजा, नया दरवाजा, दिल्ली गेट, खत्रीपुरा रोड, माही दरवाजा और नकाश गेट जैसे निचले इलाकों में जलभराव हो गया है. यहां सड़कें दरिया बन गईं और कुछ घरों में भी पानी घुस गया. वहीं, बूंदी जिले के लाखेरी उपखंड क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. मुख्य बाजार की सड़कों और गलियों में पानी भर गया है, जबकि क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर हैं. खेतों में पानी भर जाने से किसान मायूस हैं, हालांकि लगातार बारिश से मौसम सुहावना हो गया है.




















