अलवर: साइबर अपराध के गढ़ के रूप में कुख्यात रहे अलवर जिले के मेवात क्षेत्र में बैठे ठग अब अपराध कर जेल के सींखचों से जल्द बाहर नहीं आ सकेंगे. पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने संगठित रूप से ठगी करने वाले अपराधियों को लंबे समय तक जेल से बाहर नहीं आने देने के लिए थानाधिकारियों एवं अन्य उच्चाधिकारियों को साइबर क्राइम रोकने की विशेष ट्रेनिंग शुरू की. इसमें आनलाइन ठगी पर रोक के लिए केंद्र सरकार के बनाए पोर्टल की जानकारी देने के साथ अपराधियों को जल्द जमानत नहीं मिल सके और जमानत पर छूटे ठगों को फिर लंबे समय के लिए जेल भिजवाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी के गुर सिखाए जा रहे हैं. साइबर फ्रॉड से अर्जित सम्पति को अटैच कर अपराधियों को सबक सिखाने के लिए नियमों की जानकारी भी दी जा रही है.
अलवर का मेवात क्षेत्र लंबे समय से अपराध के लिए कुख्यात है. यहां सक्रिय अपराधियों ने समय-समय पर अपराध के तरीके बदले. नकली सोने की ईंट की टटलूबाजी, गोतस्करी, ओएलएक्स पर ठगी, मोबाइल पर लिंक भेज ओटीपी से ठगी, फर्जी विज्ञापनों से ठगी, सेक्सटॉर्शन आदि अपराध के बाद अब आनलाइन ठगी, साइबर अरेस्ट और साइबर ठगी जैसे अपराध कर रहे हैं. कुछ समय से मेवात में साइबर ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ी है. इससे निपटने के लिए पुलिस ने अलग से साइबर सेल एवं साइबर थाना खोले, लेकिन साइबर ठगी पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई. साइबर ठग कानून के लचीलेपन का फायदा उठा जमानत पर छूट जाते हैं और फिर साइबर ठगी को अंजाम देने से बाज नहीं आते. इस कारण पुलिस के प्रयास के बाद भी लोगों को आनलाइन ठगी से पूरी तरह राहत नहीं मिल पाई.
कानून व नई तकनीक की दे रहे जानकारी: एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि जिले में साइबर क्राइम पर रोक की कार्ययोजना बनाई है. केंद्र व राज्य सरकार के महत्वपूर्ण पोर्टल की जानकारी के लिए सभी अधिकारियों की विशेष ट्रेनिंग शुरू की. ट्रेनिंग में जिले के सभी थानाधिकारी, इससे उच्च अधिकारी, हर थाने के आपरेटर को शामिल किया. ट्रेनिंग का उद्देश्य है कि पोर्टल के सभी फीचर्स की जानकारी पुलिस अधिकारियों को मिल सके ताकि वे साइबर क्राइम के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर सकें. उन्होंने बताया कि पोर्टल पर नए फीचर्स जुड़ते रहते हैं. इनकी बारिकियों से अधिकारी अवगत रहे, इसके निर्देश दिए हैं.
अपराधी चिह्नित: एसपी ने बताया कि साइबर क्राइम में गिरफ्तार अपराधियों की जमानत निरस्त कराने के भी निर्देश दिए हैं. कई ऐसे अपराधी चिह्नित किए हैं, जो जमानत लेकर दोबारा साइबर ठगी कर रहे हैं. इन्होंने कानून तोड़ा है. ऐसे अपराधियों की जमानत निरस्तगी के लिए विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी. ऐसे अपराधियों को अब लंबे समय जेल में रहने के लिए तैयार रहना चाहिए. जिले के साइबर क्रिमिनल्स को पुलिस ने चिह्नित करना शुरू कर दिया. जल्द इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे. एसपी चौधरी ने बताया कि संगठित तरीके से साइबर अपराध करने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करेंगे. इसमें बैंक अकाउंट किराए पर देने एवं साइबर ठगों के सहयोगियों पर कार्रवाई होगी. साइबर ठगी के बदलते तरीकों और उससे निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी.
ठगों की सम्पति करेंगे अटैच: एसपी चौधरी ने बताया कि साइबर ठगों की अर्जित सम्पत्ति अटैच की कार्रवाई की जाएगी. सभी थानाधिकारियों को इसके निर्देश दे दिए. जिले में अभी तक साइबर ठगों की सम्पत्ति अटैच करने के दो से तीन प्रकरण तैयार किए गए हैं. इन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर प्रभावी कार्रवाई की तैयारी है.




















