झुंझुनूं में पेरेंट्स को बिना बताए टीचर बच्चों को स्विमिंग पूल पर ले गए, जहां डूबने से 10 साल के मासूम की मौत हो गई। हादसे के पीछे लापरवाही भी सामने आई है। टीचर्स बच्चों को तैरना सीखा रहे थे। इस बीच बच्चों को छोड़कर टीचर स्विमिंग करने लग गए और हादसा हो गया।
सुबह 11 बजे मंड्रेला बाइपास स्थित सारा स्विमिंग पूल पर हुआ। पुलिस ने बताया- मयंक पुत्र मनोज कुमार मूलतः लोयल गांव का रहने वाला था। मयंक के पिता मनोज पिछले 4 साल से बगड़ क्षेत्र के भूपेंद्र गोदारा के खेती करते हैं। मयंक का एक अप्रैल को अग्रसेन सर्किल स्थित अल्फा एकेडमी में ट्यूशन के लिए भेजा था, जहां वो सैनिक स्कूल में प्रवेश की तैयारी कर रहा था। बच्चा एकेडमी के ही हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
बच्चों को स्विमिंग सिखाते हुए टीचर खुद नहाने लगे आज सुबह 11 बजे एकेडमी के टीचर बच्चों को लेकर स्विमिंग पूल पर गए थे। पूल में बच्चों के लिए अलग से स्विमिंग एरिया रिजर्व था, जिसकी गहराई करीब ढाई फीट थी।
वहीं टीचर साढ़े 4 फीट गहराई वाले एरिया में बच्चों को तैरना सिखा रहे थे। इस बीच टीचर्स ने खुद स्विमिंग शुरू कर दी और बच्चों पर ध्यान देना छोड़ दिया। इसी लापरवाही के बीच मयंक डूब गया।
पूल संचालक अस्पताल ले गया था स्विमिंग पूल संचालक को जब बच्चे के डूबने की जानकारी मिली, तब वह बच्चे को चूरू बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजन शव को लेकर बीडीके अस्पताल पहुंचे।
पिता बोले- एकेडमी ने कोई जानकारी नहीं दी मयंक के पिता मनोज कुमार ने बताया- उन्हें एकेडमी के संचालक सुनील ने किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी। न तो स्विमिंग पूल ले जाने की सूचना दी गई, न ही इजाजत ली गई। हादसे के बाद अस्पताल पहुंचने पर ही उन्हें बेटे की मौत की खबर मिली।
कोतवाली थानाधिकारी हरजिंदर सिंह ने बताया कि बच्चे के पिता की ओर से एकेडमी संचालक और स्विमिंग पूल संचालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज करवाया गया है। जांच कर रहे हैं।




















