जयपुर के रेनवाल क्षेत्र के भादवा गांव में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. शादी की पहली ही रात दुल्हन और उसके कथित रिश्तेदारों ने गहने और नकदी लेकर भागने की साजिश रची, लेकिन सतर्क परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी योजना को नाकाम कर दिया. गुस्साए ग्रामीणों ने गिरोह की दो गाड़ियों में तोड़फोड़ की और सभी आरोपियों को जयपुर पुलिस के हवाले कर दिया.
जानकारी के मुताबिक़, भादवा गांव के एक युवक की शादी हाल ही में एक कथित दुल्हन से तय हुई थी. शादी के लिए बिचौलियों ने दूल्हे के परिवार से मोटी रकम और गहने लिए थे. शादी की रस्में पूरी होने के बाद, दुल्हन और उसके कथित रिश्तेदार गांव में आए. लेकिन पहली रात को दुल्हन ने बहाना बनाकर घर से निकलने की कोशिश की. परिजनों को उसका व्यवहार संदिग्ध लगा और उन्होंने उसका पीछा किया. जांच में पता चला कि दुल्हन और उसके साथ आए लोग दो गाड़ियों में सवार होकर भागने की तैयारी में थे. गुस्साए ग्रामीणों ने तुरंत घेराबंदी की और गिरोह के सदस्यों को पकड़ लिया. इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की.
लहंगे में छिपाया था माल
जयपुर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह गिरोह संगठित रूप से शादी के नाम पर ठगी करता था. गिरोह के सदस्य फर्जी रिश्तेदार बनकर शादी की रस्में पूरी करते थे और फिर दुल्हन को गहने, नकदी, और कीमती सामान के साथ फरार करवा देते थे. ग्रामीणों ने जब दुल्हन को सुहागरात में मोहल्ले में घूमते देखा तो उन्हें शक हुआ. परिजनों ने जब तलाशी ली तो दुल्हन के लहंगे से सारा जेवर बरामद किया गया.
इसी तरह के अन्य मामले
शादी के नाम पर ठगी के मामले राजस्थान और आसपास के राज्यों में बढ़ रहे हैं. हाल ही में, गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में पुलिस ने एक लुटेरी दुल्हन गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जो चौथी बार शादी कराने की योजना बना रहे थे. झांसी में भी एक दुल्हन ने शौच के बहाने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे और उसके पति समेत दो साथियों को पकड़ लिया. इसी तरह, हरियाणा के नूंह में एक दुल्हन ने 6 महीने में 3 फर्जी शादियां की थी.




















