जैसलमेर. सोशल मीडिया पर पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी के फोटो पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से उपजा विवाद रविवार देर रात उग्र हो गया. पुलिस ने इस मामले में कुछ आरोपियों को हिरासत में ले लिया. उसके बाद कुछ लोगों ने थाने का घेराव कर दिया और माहौल तनावपूर्ण हो गया. पुलिस से तीखी बहस के बीच भीड़ में से कुछ उपद्रवियों ने थाने पर पथराव कर दिया. इससे वहां अफरा-तफरी मच गई. स्थिति बिगड़ती देखकर पुलिस को आंसू गैस का प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा. देर रात को जैसलमेर पुलिस एसपी सुधीर चौधरी पोकरण थाने पहुंचे और हालात का जायजा लिया.
पुलिस के अनुसार रविवार शाम को एक शिकायत प्राप्त हुई थी. उसमें कहा गया कि कुछ युवकों ने विधायक की तस्वीर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है. जांच के बाद पुलिस संदेह के आधार पर कुछ आरोपियों को पकड़कर थाने ले आई और पूछताछ शुरू की. इसी बीच रात करीब 11 बजे कुछ लोग थाने पहुंचे और हिरासत में लिए गए युवकों को छोड़ने की मांग करने लगे. बातचीत के दौरान तनाव बढ़ा और मामला विवाद में बदल गया.
पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
थाने के बाहर मौजूद भीड़ में से कुछ लोगों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया. इससे पुलिसकर्मी हड़बड़ा गए. थानाधिकारी छतरसिंह देवड़ा के नेतृत्व में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और उपद्रवियों को खदेड़ा. हालात को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार सेन भी मौके पर पहुंचे और हालात का संभालने का प्रयास किया.
तीन थानों से पुलिस जाब्ता और आरएएसी को बुलाना पड़ा
उन्होंने पोकरण के आसपास के लाठी, रामदेवरा और सांकड़ा थाने से पुलिस फोर्स तथा आरएसी का जाब्ता बुलाकर थाना परिसर के बाहर तैनात कर दिया. देर रात तक पुलिस इलाके में गश्त करती रही और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई. बाद में पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे. फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है.




















