अलवर. फलों का राजा कहे जाने वाला आम गर्मी और बरसात के इस मौसम में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. चाहे मिठास की बात हो या स्वाद की, आम हर उम्र के लोगों के लिए खास फल बन चुका है. अलवर जिले की लगभग सभी फल मंडियों में इन दिनों आमों की जबरदस्त आवक देखी जा रही है, जिससे बाजारों में आम ही आम नजर आ रहे हैं. मंडियों में उमड़ती भीड़ और ग्राहकों की लगातार बढ़ती खरीदारी से यह साफ जाहिर है कि इस मौसम में आम की डिमांड कितनी ज्यादा है. खास बात यह है कि आम की कई किस्मों में सबसे अधिक मांग दशहरी आम की है.
यूपी का प्रसिद्ध दशहरी आम अलवर जिले में इस समय सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है. इसकी मिठास और अनोखे स्वाद के चलते इसे ‘आमों का राजा’ भी कहा जाता है. इसकी लोकप्रियता का आलम यह है कि मंडियों में सबसे पहले और सबसे ज्यादा लोग दशहरी आम ही पूछते हैं. अलवर के दुकानदार और आढ़ती मानते हैं कि हर साल की तरह इस बार भी दशहरी आम ने बाजार में अपना दबदबा कायम रखा है. चाहे त्योहार हो, परिवारिक समारोह या फिर रोज़मर्रा की खरीदारी — हर जगह दशहरी आम ही सबसे ज्यादा बिक रहा है.
दशहरी आम बना लोगों की पहली पसंद, हर मंडी में बोलबाला
अलवर फल मंडी के आढ़ती यूनियन के महासचिव सौरभ कलारा ने बताया कि जिले में हर दिन करीब चार लाख किलो आम की आवक हो रही है. अकेले अलवर शहर की मंडी में प्रतिदिन दो लाख किलो आम पहुंच रहे हैं. यह आम शहर की अलग-अलग मंडियों में वितरित किए जा रहे हैं ताकि आम जनता को यह फल आसानी से और उचित दामों पर उपलब्ध हो सके. खास बात यह है कि बारिश के मौसम में भी इसकी मांग कम नहीं हो रही. लोगों को दशहरी आम की मिठास और उसका मुलायम गूदा बेहद पसंद आ रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि अलवर मेवात क्षेत्र में दशहरी आम की खपत सबसे अधिक है. बाजार में इसकी लगातार डिमांड बनी हुई है. आम का यह सीजन लोगों को हर दिन स्वाद से भरपूर बना रहा है. मंडियों में सिर्फ दशहरी ही नहीं, बल्कि चौसा, लंगड़ा, सफेदा जैसी किस्में भी अच्छी मात्रा में पहुंच रही हैं, जिससे आम प्रेमियों को विकल्प भी मिल रहे हैं. लेकिन फिर भी सबसे ज्यादा बिक्री दशहरी आम की ही हो रही है.
सफेदा आम से होती है शुरुआत
सौरभ कलारा ने जानकारी दी कि आम के शुरुआती सीजन की शुरुआत तेलंगाना के सफेदा आम से होती है, जिसे बदामी आम भी कहा जाता है. यह किस्म फरवरी महीने से ही बाजार में दिखाई देने लगती है. खास बात यह है कि यह आम पूरे सीजन तक मंडियों में बना रहता है और इसकी स्थिर आपूर्ति के चलते बाजार में आम की उपलब्धता बनी रहती है. सफेदा आम का स्वाद हल्का मीठा और सुगंधित होता है, इसलिए इसे शुरुआती दौर में लोग खूब पसंद करते हैं. बाद में जब लंगड़ा, चौसा और दशहरी जैसे मीठे और गूदेदार आम बाजार में आते हैं, तो सफेदा की मांग थोड़ी कम हो जाती है. लेकिन उसकी अहमियत बनी रहती है. अलवर जिले की फल मंडियों में आम की विविधता और आपूर्ति यह बताती है कि यह क्षेत्र फलों के व्यापार में कितना समृद्ध और संगठित है.




















