जैसलमेर: जिले में बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की बिगड़ती स्थिति के खिलाफ शुक्रवार को महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया. यह आंदोलन पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल के नेतृत्व में हुआ. सुबह 10 बजे बड़ी संख्या में महिलाएं कांग्रेस कार्यालय पर एकत्र हुई और वहां से नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची. इस दौरान महिलाएं मटकियां लेकर चली और सरकार के खिलाफ नारे लगाए.
कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर महिलाओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और अपनी समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शहर ही नहीं, बल्कि पूरा जिला पेयजल संकट से जूझ रहा है. गांवों में हालात इतने खराब हैं कि लोगों को 10-15 दिन तक पानी की सप्लाई का इंतजार करना पड़ता है. मजबूरी में लोग दूर-दराज से पानी मंगवाने को विवश हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है.
पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल ने कहा कि पानी और बिजली की समस्या ने आमजन का जीवन मुश्किल बना दिया है. खासतौर पर महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं, क्योंकि घर के कामकाज से लेकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए पानी जुटाना उन्हीं की जिम्मेदारी होती है. लंबे समय तक पानी की सप्लाई न होने से उनकी दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है. उन्होंने यह भी कहा कि बिजली कटौती ने गर्मी के मौसम में लोगों का जीना दूभर कर दिया है.
महिलाओं ने यह भी बताया कि सिर्फ पानी और बिजली ही नहीं, बल्कि जिले में अन्य कई समस्याएं भी लंबे समय से बनी हुई हैं. इनमें खराब सड़कें, चिकित्सा सुविधाओं की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति प्रमुख हैं. महिलाओं ने कहा कि प्रशासन इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके कारण जनता का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है. मेघवाल ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है. उन्होंने जिले की महिला शक्ति को एकजुट होकर अपनी आवाज और बुलंद करने का आह्वान किया.
महिलाओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन: प्रदर्शन के बाद महिलाओं ज्ञापन दिया. इस दौरान महिलाओं ने कहा कि अब उनका धैर्य जवाब दे चुका है, यदि पानी और बिजली की समस्या का त्वरित समाधान नहीं हुआ, तो महिलाएं सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगी.




















