अजमेर: जिले में किशनगढ़ के अरांई क्षेत्र के आकोड़िया में नौ वर्षीय खुशीराम हत्याकांड मामले में ग्रामीणों ने निष्पक्ष एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट में जांच, एसआईटी गठन और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी समेत विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन दिया. बड़ी संख्या में आक्रोशित ग्रामीणों ने अरांई के दादिया चौराहे पर धरना दिया. अरांई-सरवाड़ तथा किशनगढ़-मालपुरा राजमार्ग जाम कर दिया. लोगों का गुस्सा देख छह थानों से पुलिस जाप्ता बुलाना पड़ा. इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई. विधायक विकास चौधरी की दखल और कई दौर की वार्ता के बाद प्रशासन और ग्रामीणों में विभिन्न मांगों पर सहमति बनी और धरना समाप्त हुआ.
एडिशनल एसपी दीपक कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की मांगें मान ली गई हैं. हत्याकांड की पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी से जांच कराएंगे. मामला फास्ट ट्रैक अदालत में चलाएंगे और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करेंगे. इसके अलावा बवाल में गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाएगा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस ने भांजी लाठियां: इससे पहले सुबह 11 बजे सरपंच प्रतिनिधि करतार चौधरी, कैलाश चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और दादिया चौराहे पर धरना शुरू हुआ. इसकी सूचना पर डिप्टी उमेश गौतम, अरांई थानाधिकारी भोपाल सिंह, बोराड़ा थानाधिकारी जगदीश प्रसाद समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की. समझौता वार्ता के दौरान किसी बात पर विवाद बढ़ गया तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया. इस पर पुलिस ने लाठियां भांजी. लाठीचार्ज से कुछ लोगों को चोटें आई. ग्रामीणों ने डिप्टी की कार का शीशा फोड़ दिया. मामला बढ़ता देख एडीएम गजेंद्र सिंह राठौड़, एएसपी दीपक कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस अजय सिंह, एसडीएम नीतू मीणा, तहसीलदार हिम्मत सिंह व आसपास के 6 थानों के जाप्ते को बुलाया गया. इस बीच बरसात भी आई, लेकिन ग्रामीण डटे रहे.
चार बार विफल वार्ता: ग्रामीणों से समझाइश के प्रयास शुरू किया. किसान महापंचायत के जिला अध्यक्ष बालूराम भीचर पहुंचे और प्रशासन से वार्ता की, जो असफल रही, फिर विधायक विकास चौधरी आए और प्रशासन को ग्रामीणों की ओर से मांग पत्र सौंपा. सभी मांगों पर सहमति बनने पर धरना समाप्त हुआ. एएसपी दीपक कुमार व प्रशिक्षु आईपीएस अजय सिंह ने मांग पत्र पर सहमति जताई और ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया. इससे पूर्व अलग-अलग दौर में चार बार वार्ता हुई, लेकिन हर बार किसी ना किसी बिंदु पर वार्ता असफल होती गई.
ये रहे शामिल: अलग-अलग दौर की वार्ता में प्रशासन की ओर से एसडीएम नीतू मीणा, तहसीलदार हिम्मत सिंह, डिप्टी उमेश गौतम, प्रशिक्षु आईपीएस अजय सिंह व एएसपी दीपक कुमार शामिल हुए. इस दौरान मौके पर सीओ अजमेर ग्रामीण रामचन्द्र चौधरी, अरांई थानाधिकारी भोपाल सिंह बोराड़ा थानाधिकारी जगदीश प्रसाद, बांदरसिंदरी एसएचओ अमरचंद , किशनगढ़ शहर थानाधिकारी भीखाराम काला, श्रीनगर, मदनगंज , गांधीनगर, पुलिस थाना सहित अजमेर पुलिस लाइन का जाप्ता तैनात रहा.
इन मांगों पर सहमति
- हत्याकांड में लिप्त सभी आरोपियों पर कार्रवाई और गिरफ्तारी की जाए.
- एसआईटी का गठन होना चाहिए.
- जांच अधिकारी बदला जाए, उच्चाधिकारी से जांच कराएं.
- लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए.
- 14 दिन के भीतर पुलिस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर खुलासा करें.
- पथराव के दौरान गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाए.




















