“श्रीचारभूजा मंदिर बना आस्था का केंद्र, रोज सैकड़ों श्रद्धालु जुटते हैं”
गाँव के श्रीचारभूजा मंदिर में सुबह शाम मंदिर सन2014 में बना मंदिर एक करोड़ सें अधिक लागत से अधिक सें बना मंदिर में नियमित सुबह शाम सेकड़ो भक्त गण इस मंदिर में आतें है। हर कार्तिक मास बैशाक मास एव प्रत्येक एकादशी पुर्णिमा अमावस्या तिथी पर नियमित मंदिर में कार्यकम चलता है ‘

सन2014 में बनकर तेयार हुआ 7 दिन भागवत कथा चली शास्त्री श्रीगोविन्द गौपाल जी रामस्नेही द्वारा भागवत कथा चला विभिन्न गाँवो के लोग कथा सुनने के आतें पूरी लम्बी कतारें लगती लगती इतनी भीड़ इकठ्ठा होती शास्त्री जी ने बताया कि नियमित मंदिर श्रीराम के दर्शन करना शाम को सन्ध्या आरती में भाग लेन से बड़ा ही पुण्य प्राप्त होता वेसा है
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हमारे भक्त गण है जो सरकारी विधालय में अध्यापक थे निम्बड़ी से सेवा निर्वर्थ होने के बाद सुबहे शाम मंदिर कें आगे झाडू निकलाना साफ सफाई करना खुब कार्य करते गौशाला में 3 माह तक सर्दी के दिनो लापसी का भोजन चलता है उसमे नियमित सेवा करना कबुतरो को रोज चुग्गा डालना पानी भरना सभी पाबूजी के मंदिर पर भी साफ सफाई करना इत्यादि कार्य करते हैं संग्राम सिंह राठौड़ ‘ बच्चो के साथ में बेठकर मनका एकसो आठ का पाठ करना सुंदर काण्ड हनुमान चालिसा इत्यादि करते है उसके कारण अधिकतर बच्चियो को कठस्ट हो गया सभी पाठ बेधडक बोलते हैं बालक बालिकाए
“श्रीचारभूजा मंदिर बना आस्था का केंद्र, रोज सैकड़ों श्रद्धालु जुटते हैं”




















