नवरात्रि में माता रानी के करोड़ो भक्त 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उपवास रखने से कई स्वास्थ्य लाभ (Health Benifits) भी आपको मिलते हैं। उन्हीं फायदों के बारे में आज हम आपको बताएंगे।
नवरात्रि मां की भक्ति का त्योहार होता है, जिसका सभी भक्तजन सालभर बेसब्री से इंतजार करते हैं। अधिकांश भक्तजन इस दौरान मातारानी का व्रत रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस व्रत का आध्यात्मिक ही नहीं वैज्ञानिक महत्व भी होता है। इससे आपको कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। अमेरिका के संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजिंग और जर्मनी के रिसर्च संस्थान डीजेडएनई ने भी अपने शोध और अध्ययन में उपवास के फायदों की पुष्टि की है। ऐसे ही 9 फायदों के बारे में आप इस लेख के माध्यम से जानेंगे।
व्रत के 9 चमत्कारी स्वास्थ्य लाभ
मोटापा कम होता है: रिसर्च के अनुसार नियमित व्रत रखने से शरीर का फैट में 10 प्रतिशत तक घटता है। इससे मोटापे से राहत मिलती है।दिल की बीमारियों से बचाव: अध्ययन में सामने आया है कि व्रत रखने से खराब कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल होता है। इससे दिल की बीमारियों से छुटकारा मिलता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है: रिसर्च में पता चला है कि उपवास रखने से आप कई प्रकार के वायरस और बैक्टीरिया के हमलों को रोक सकते हैं। यानी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) मजबूत होती है।
श्रीडूंगरगढ़ कांग्रेस की महिला नेत्री अंजू पारख को प्रदेश महासचिव का नेतृत्व दिया गया
डायबिटीज का खतरा कम: लगातार उपवास रखने वाले व्यक्ति की बॉडी में में इन्सुलिन का स्राव नियंत्रित रहता है। इससे डायबिटीज होने का खतरा बेहद कम हो जाता है। जवानी बरकरार रहती है: व्रत रखने से फैट बर्न होता है। फैट में मौजूद टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थ ) बाहर हो जाते हैं। साथ ही नियमित व्रत रखने से बुढ़ापा देरी से आता है। मांसपेशियों में टूट-फूट की दर भी कम होती है। पाचन तंत्र को आराम: व्रत पाचन तंत्र को काफी आराम पहुंचाता है।
शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर करता है और पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है। शुगर कंट्रोल: उपवास से ब्लड शुगर का लेवल कंट्रोल होता है। इंसुलिन प्रतिरोध में कमी आती है। इससे शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन को सही से पहचान पाती है और शुगर खून में बढ़ने लगता है। मानसिक शांति मिलती है: उपवास रखने से व्यक्ति एक संयमित जीवन जीता है। उसके जीवन में अनुशासन आता है और मानसिक शांति का अनुभव होता है। आत्मशक्ति मजबूत होती है। शरीर को आराम मिलता है: उपवास के दौरान भूखा रहने से शरीर के पाचन तंत्र को आराम मिलता है। इससे शारीरिक संतुलन बना रहता है।
व्रत में क्या खाएं?
उपवास में जितना हो सके भूखा रहना चाहिए। चाहें तो थोड़ा पौष्टिक फलाहार ले सकते हैं। उपवास में फलाहार के रूप में भरपेट साबूदाने की खिचड़ी, सिंघाड़े की बनी चीजें खाने से बचें। इससे व्रत के फायदों से आप वंचित रह जाएंगे।
कौन न करें उपवास?
अठारह साल से कम उम्र वालों को उपवास न करने की सलाह दी जाती है, यदि व्रत पूरे दिन भूखा रहने का हो। टाइप 1 डायबिटीज के मरीज। जच्चा और गर्भवती महिलाओं को व्रत करने से बचना चाहिए। इन्हें पोषण की ज्यादा जरूरत होती है। माइग्रेन के रोगी भी व्रत न करें। भूखा रहने से तेज सिरदर्द हो सकता है।




















