भारती कोचिंग एंड डिफेंस एकेडमी में समय-समय पर ऐसी विभूतियों को आमंत्रित किया जाता है जिन्होंने अपने अथक परिश्रम और लगन के बल पर सरकारी क्षेत्र में उत्कृष्ट पद प्राप्त किए हैं और आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
इसी कड़ी में इस बार मुख्य अतिथि सचिन राजपुरोहित को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में राज सर, के. आर. फौजी एवं कोचिंग स्टाफ ने मुख्य अतिथि सचिन राजपुरोहित का साफा पहनाकर और आत्मीय स्वागत कर उनका अभिनंदन किया।
सिर्फ 22 वर्ष की अल्पायु में तीन सरकारी नौकरियाँ हासिल कर चुके सचिन राजपुरोहित वर्तमान में पुणे में ऑडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। उनके संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायी यात्रा का परिचय राज सर ने विस्तार से देते हुए विद्यार्थियों को बताया कि कैसे सचिन ने सीमित संसाधनों के बावजूद अटूट मेहनत और आत्मविश्वास से यह मुकाम हासिल किया।

कार्यक्रम में विद्यालय की शिक्षिका सीमा भोजक ने विद्यार्थियों को व्यवस्थित अध्ययन हेतु टाइम टेबल बनाने और उस पर दृढ़ता से अमल करने की प्रेरणा दी।
मुख्य अतिथि सचिन राजपुरोहित ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को स्वाध्याय और एकाग्रता पर बल देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों की भीड़-भाड़ और दिखावे से अधिक महत्व हमारी एकाग्रता और निरंतर अभ्यास का होता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों की संख्या पर ध्यान देने के बजाय हमें अपनी तैयारी को लगातार निखारने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने समझाया कि सफलता उसी को मिलती है जो लगन, अनुशासन और धैर्य से मेहनत करता है।
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अंत में संचालक के. आर. फौजी ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि विद्यार्थी सचिन राजपुरोहित के संघर्ष और अनुशासन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सफल बनाने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने यह भी बताया कि भारती कोचिंग एंड डिफेंस एकेडमी विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट कोचिंग के साथ-साथ हॉस्टल सुविधा भी उपलब्ध कराती है, जहाँ उनके स्वयं के मार्गदर्शन में विद्यार्थी निरंतर सफलता की ओर अग्रसर हैं।




















