जयपुर : बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से बन रहा लो-प्रेशर सिस्टम गुजरात होते हुए राजस्थान में प्रवेश कर सकता है, जिससे प्रदेश में 15 अगस्त के बाद मानसून दोबारा सक्रिय होने के आसार हैं. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार सोमवार से पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश शुरू होगी, जबकि भरतपुर, कोटा, उदयपुर और जयपुर संभाग में मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है.
मौसम विभाग के जयपुर केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार 18 और 19 अगस्त को दक्षिणी और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है. लो-प्रेशर सिस्टम का असर 16 से 19 अगस्त के बीच रहेगा, जो गुजरात के तटीय क्षेत्रों से गुजरते हुए राजस्थान में प्रवेश करेगा. इससे जोधपुर, बाड़मेर, जालोर, पाली, कोटा, उदयपुर और दक्षिणी राजस्थान के जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है, जो किसानों के लिए लाभकारी होगी.
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पिछले 24 घंटों का मौसम अपडेट : पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी राजस्थान में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई. सबसे अधिक वर्षा अटरू (बारां) में 50.0 मिलीमीटर दर्ज की गई. अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सिरोही में 20.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 9 अगस्त तक औसत वर्षा का आंकड़ा 267.0 मिमी रहता है, लेकिन इस बार अब तक 429.9 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 61 प्रतिशत अधिक है.
पूर्वी राजस्थान के अटरू में 5 सेमी, आमेट में 4 सेमी, राजसमंद और सांगोद में 2-2 सेमी, हिंडौन, नगरगर दुर्ग और उदयपुर वाटी में 1-1 सेमी बारिश दर्ज की गई. राजधानी में रविवार को दिनभर बादल छाए रहे. ग्रामीण इलाकों में मध्यम वर्षा हुई, लेकिन शहर में वर्षा नहीं हुई. दिन का तापमान 30.9 डिग्री और रात का तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है.
राज्य के बांध 77% तक भरे : जल संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मानसून के पहले चरण में ही प्रदेश के 693 बांध 77.21 प्रतिशत तक भर चुके हैं. बीसलपुर बांध पिछले 15 दिनों से ओवरफ्लो हो रहा है और इसमें अब तक 790 मिमी वर्षा दर्ज की गई है. बांध से 601 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, हालांकि पानी की आवक घटने पर गेट नंबर-9 कभी भी बंद किया जा सकता है. करौली जिले के पांचना बांध में पानी का प्रवाह रुकने के बाद जल निकासी बंद कर दी गई है. वर्तमान में बांध का जल स्तर 257.90 मीटर है, जो इसकी अधिकतम क्षमता 258.62 मीटर के करीब है. इस बार अब तक बांध से 2888 एमसीएफटी पानी छोड़ा जा चुका है.




















