जयपुर: राजस्थान में इस बार मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ वर्षा दर्ज कराई है. मौसम विभाग की विस्तारित पूर्वानुमान रिपोर्ट के अनुसार, 22 से 28 अगस्त के बीच प्रदेश में औसतन 105 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 29.2 मिमी की तुलना में 259 प्रतिशत अधिक है. पूर्वी राजस्थान में 151.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 242 प्रतिशत अधिक रही. पश्चिमी राजस्थान में 68.1 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 17.3 मिमी से 293 प्रतिशत अधिक है. बीते सप्ताह कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई.
जून से अगस्त तक का आंकड़ा भी सामान्य से ऊपर: 1 जून से 28 अगस्त 2025 तक राज्य में कुल 567.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 361.3 मिमी रहता है. इस अवधि में राजस्थान में औसतन 57 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है. पूर्वी राजस्थान में 807.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 56 प्रतिशत अधिक है. पश्चिमी राजस्थान में 377 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से 59 फीसदी ज्यादा है. जिलावार आंकड़ों पर गौर करें तो कोटा में (1098.8 मिमी), बूंदी में (1076.4 मिमी), सवाई माधोपुर में (1158.2 मिमी) और बारां में (1447.5 मिमी) जैसे जिलों में औसत से दोगुनी से भी ज्यादा वर्षा हुई है. श्रीगंगानगर में 137 प्रतिशत और टोंक में 111 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है.
निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय: 28 अगस्त को दक्षिण ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऊपर लो प्रेशर एरिया एक्टिव रहा. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किमी ऊंचाई तक फैला है. मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, शिवपुरी, दमोह होते छत्तीसगढ़ से बंगाल की खाड़ी तक फैला है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और पंजाब में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इन सिस्टम्स की वजह से राजस्थान सहित उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं. आने वाले दिनों में भी इनकी तीव्रता बनी रहेगी.
आगामी सप्ताह का पूर्वानुमान: मौसम विभाग के जयपुर केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 29 अगस्त से 4 सितंबर के लिए विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया. इस दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी. दक्षिण-पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. 30 अगस्त से कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी 29 से 31 अगस्त तक मध्यम से तेज बारिश की संभावना है. 1 से 4 सितंबर तक सीमावर्ती क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश जिलों में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं.
सामान्य से अधिक बारिश: सितंबर के दूसरे सप्ताह की बात करें तो पूर्वानुमान के अनुसार 05 से 11 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में इस अवधि में बारिश सामान्य के आसपास रहने के संकेत हैं. अधिकतम तापमान की बात करें तो प्रथम सप्ताह के दौरान 4 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान में तापमान सामान्य से कम और पश्चिमी राजस्थान में सामान्य के आसपास रहेगा. दूसरे सप्ताह में पूरे राज्य में तापमान सामान्य स्तर पर रहने की संभावना है.
पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट: मौसम विभाग ने 29 अगस्त को प्रदेश के 11 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के मुताबिक जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, जालोर, पाली, राजसमंद, सिरोही, उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में बारिश की प्रबल संभावना है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी 29 से 31 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है. 30 और 31 अगस्त को फिर से कई जिलों में तेज बारिश के आसार बने रहेंगे. मौसम केन्द्र के अनुसार सितंबर के प्रथम सप्ताह में भी सीमावर्ती क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की प्रबल संभावना है. विभाग ने चेताया है कि अगले दो सप्ताह तक राजस्थान में मानसून सक्रिय रहेगा और कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है.
प्रदेश में बारिश का आंकड़ा जारी: पिछले 24 घंटे की बारिश का आंकड़ा जारी किया गया. मौसम विभाग ने बताया है कि पूर्वी राजस्थान में गुरुवार को कई जगह मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम और कहीं कहीं भारी से अतिभारी वर्षा हुई. पश्चिमी राजस्थान में कहीं कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई. राज्य में सर्वाधिक वर्षा बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में 136 मिमी दर्ज की गई. जल संसाधन विभाग ने बताया कि बीते दिन प्रदेश में 80 स्थानों पर बारिश दर्ज हुई है. प्रदेश में 25 बांधों में बारिश हुई. प्रदेश में एक स्थान पर अति भारी बारिश दर्ज की गई है. पांच स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हुई है. इसके अलावा बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में 136 एमएम बारिश दर्ज हुई. झालावाड़ के डग में 115 एमएम, डीग के सिकरी बांध में 90 , बांसवाड़ा के कुशलगढ़ में 75 एमएम, उदयपुर, कोटा भरतपुर और जयपुर संभाग में रात बारिश का जोर रहा.
उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में बारिश का असर: बारिश से कई यात्री ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है. रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों को रद्द किया है. बांदीकुई जंक्शन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों पर असर देखा गया है. शुक्रवार को जिन चार प्रमुख ट्रेन को रद्द किया गया. उनमें बाड़मेर-जम्मूतवी एक्सप्रेस (14661) और जम्मूतवी-बाड़मेर एक्सप्रेस (14662) भी रद्द की गई है. बारिश के कारण ट्रेनों का समय पर संचालन मुश्किल हो रहा है, जिससे रेलवे ने यात्रियों से सहयोग की अपील की.
भीलवाड़ा में झमाझम: उधर, भीलवाड़ा जिले में शुक्रवार सुबह 10 बजे से कहीं झमाझम तो कहीं रिमझिम का दौर शुरू हुआ. इससे पहले दो दिन तेज धूप, उमस व गर्मी थी. शुक्रवार सुबह से आसमान में काले बादल आए व ठंडी हवा का दौर शुरू हुआ, जो बाद में तेज बारिश में बदल गया. इधर, खेतों में मूंग, उड़द, तिल, ग्वार, ज्वार, मक्का व सोयाबीन की फसल पकने लगी है. जिले में सिंचाई विभाग के कुल 60 में 31 बांध व तालाब लबालब हो गए. बनास नदी तीव्र वेग से बह रही है. इसका पानी टोंक के बीसलपुर बांध में पहुंच रहा है. जिले में सबसे ज्यादा बारिश माण्डलगढ़ के जेतपुरा बांध में 1662 मिमी हुई. सबसे कम बारिश गंगापुर मोखुंदा में 206 मिमी दर्ज की गई.




















