जयपुर: राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया है. उन्होंने दिल्ली में बुधवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और रसायन मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और मांग की कि अमानक खाद, बीज और दवाइयों के कारण किसानों को हुए नुकसान की भरपाई सीधे तौर पर इन्हें बनाने वाली कंपनियों से करवाई जाए.
किरोड़ी ने कहा कि वर्तमान में घटिया खाद, बीज और पेस्टीसाइड बनाने पर कंपनियों का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान तो है, लेकिन किसानों को हुए वास्तविक नुकसान की भरपाई का कोई कानूनी प्रावधान मौजूद नहीं है. इससे किसान आर्थिक नुकसान उठाने के साथ-साथ उनकी जमीन की उर्वरता भी प्रभावित होती है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक किसानों के इस दोहरे नुकसान की भरपाई कंपनियां नहीं करेंगी, तब तक इस ठगी पर पूरी तरह से रोक नहीं लगेगी.
प्रस्तावित कानून में संशोधन की मांग : राजस्थान के कृषि मंत्री ने बताया कि उन्होंने हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर अमानक खाद, बीज और पेस्टीसाइड बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ा कानून बनाने की मांग की थी. इस पर सहमति जताई जा चुकी है. अब वे चाहते हैं कि इस कानून में किसानों को मुआवजा दिलाने का प्रावधान भी जोड़ा जाए, ताकि कंपनियां सीधे तौर पर किसानों को नुकसान की भरपाई करें. किरोड़ी इस तरह की मांग उठाने वाले देश के किसी भी राज्य के पहले कृषि मंत्री हैं.
सोयाबीन की फसल का मामला : उन्होंने बताया कि हाल ही में एक मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री के संज्ञान में आया कि नकली दवा के कारण सोयाबीन की फसल नष्ट हो गई. जांच में दोषी कंपनी का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया गया. इसके बाद राजस्थान में भी केंद्रीय कृषि मंत्रालय की अनुशंसा पर इस कंपनी का लाइसेंस निरस्त किया गया.
गौरतलब है कि राजस्थान में 29 मई से अमानक खाद, बीज और दवाइयों के खिलाफ विशेष अभियान चल रहा है. इस दौरान कई कंपनियों पर कार्रवाई की गई है. किरोड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को ठगने वाली कंपनियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
शिवराज सिंह के नाम यह पैगाम : कृषि मंत्री मीणा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह को एक्स पर लिखा है कि यह अत्यंत पीड़ादायक है कि अमानक खाद, बीज और दवाई से किसान भाइयों की फसल उजड़ रही है और खेत बंजर हो रहे हैं. इसे रोकने के घटिया उत्पादों से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई इन्हें बनाने वाली कंपनियों से करने का कानूनी प्रावधान करना आवश्यक हो गया है. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि आपने मेरे पत्र पर संज्ञान लेते हुए अमानक खाद, बीज और दवा बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ा कानून बनाने के निर्देश दिए हैं. मेरी मांग है कि इसमें यह प्रावधान भी जोड़ा जाए कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई कंपनियां ही करेंगी. इस प्रावधान से ही कंपनियों की ठगी पर लगाम लगेगी.




















