Bhilwara : वंचित बच्चों के लिए आगे आया नगर माहेश्वरी महिला संस्थान, स्वास्थ्य से शिक्षा तक मिला सहयोग
विशेष शिविर में चिकित्सकीय जांच, निःशुल्क चश्मे, दवाइयां, पौष्टिक भोजन और स्टेशनरी वितरित, गुड टच-बैड टच की भी दी गई जानकारी
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) : समाज के वंचित एवं घुमंतु वर्ग के बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से नगर माहेश्वरी महिला संस्थान, भीलवाड़ा द्वारा एक प्रेरणादायी सेवा अभियान चलाया गया।
संस्थान की स्वर्णिम आरोग्य समिति एवं स्वर्णिम बाल एवं किशोरी विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में पंचवटी स्थित भविष्य (घुमंतु) विद्यालय में अध्ययनरत 50 से अधिक बच्चों के लिए विशेष मेडिकल एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
इस शिविर में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, स्वच्छता, सुरक्षा और संस्कारों से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश भी दिए गए। संस्थान की अध्यक्ष श्रीमती वीणा मोदी ने बताया कि स्वर्णिम आरोग्य समिति के अंतर्गत आयोजित इस विशेष शिविर में शहर के प्रख्यात दंत चिकित्सक डॉ. हर्षित पांचाल ने सभी बच्चों के दांतों की विस्तृत जांच की।
जांच के दौरान जिन बच्चों को उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन नियमित रूप से दांत साफ करने, संतुलित आहार लेने और मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के महत्व के बारे में भी विस्तार से समझाया।
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इसी क्रम में प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश भदादा ने बच्चों की आंखों की जांच की। परीक्षण के दौरान जिन बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्या पाई गई, उन्हें संस्थान की ओर से निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए गए, ताकि उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन में किसी प्रकार की बाधा न आए। वहीं स्वर्णिम बाल एवं किशोरी विकास समिति द्वारा सभी बच्चों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।
शिविर का उद्देश्य केवल बीमारी की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। संस्थान की सचिव विनीता तोषनीवाल ने बताया कि सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत सभी बच्चों को पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन कराया गया।
साथ ही उनके शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए स्टेशनरी, किताबें एवं अन्य अध्ययन सामग्री का वितरण भी किया गया। बच्चों को स्वच्छता, अनुशासन, अच्छे संस्कार तथा सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण बच्चों और किशोरियों के लिए आयोजित सुरक्षा एवं जागरूकता सत्र रहा। इसमें श्रीमती आभा जाजू ने बच्चों को सरल और सहज भाषा में गुड टच और बैड टच की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि किसी भी असहज परिस्थिति में किस प्रकार स्वयं की सुरक्षा करनी चाहिए और बिना झिझक अपने अभिभावकों या शिक्षकों को जानकारी देनी चाहिए।
इस सत्र ने बच्चों में आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया। इस सेवा प्रकल्प में स्वर्णिम बाल एवं किशोरी विकास समिति की संयोजिका श्रीमती आभा जाजू के साथ निशा सोनी, लीना कोठारी, नीलम दरगड़, चेतना बसेर, साधना बाहेती, और निर्मला बाहेती सहित संस्थान की अनेक सदस्याओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
सभी सदस्याओं ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से यह जानकारी भी दी गई कि श्रीमती आभा जाजू पिछले लंबे समय से इन बच्चों की सेवा से जुड़ी हुई हैं।
वे प्रत्येक माह एक दिन अपनी ओर से बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था करती हैं, जिससे उनके पोषण में निरंतर सहयोग मिल रहा है। इस बार भी उन्होंने बच्चों के लिए स्टेशनरी, किताबें तथा आवश्यकतानुसार दवाइयों की संपूर्ण व्यवस्था अपने स्तर पर कर सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। आयोजन में सिम्स हॉस्पिटल के मैनेजर श्री दीपक मोदी भी उपस्थित रहे।
उन्होंने नगर माहेश्वरी महिला संस्थान की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज के जरूरतमंद बच्चों के लिए इस प्रकार के सेवा कार्य अत्यंत प्रेरणादायी हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी आयोजनों के लिए यदि अस्पताल की ओर से किसी भी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता होगी, तो सिम्स हॉस्पिटल हर संभव सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में संस्थान की पदाधिकारियों ने सभी चिकित्सकों, सहयोगियों एवं सदस्याओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी वंचित एवं घुमंतु बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे सेवा प्रकल्प निरंतर संचालित करती रहेगी। यह शिविर सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।




















