पेच के बालाजी मंदिर से पदयात्रा प्रारंभ हो सांय आरती से पूर्व पहुंचेगी तिरुपति बालाजी मंदिर
भीलवाडा। (पंकज पोरवाल) शहर के अजमेर रोड स्थित सरस डेयरी के सामने लक्ष्मीपुरा मे भव्य तिरुपति बालाजी मंदिर जिलेवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। पहली बार शरद पूर्णिमा के अवसर पर विशेष पदयात्रा का आयोजन स्थानीय तिरुपति सेवा समिति व तिरुपति पदयात्री संघ द्वारा सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 दोपहर 2 बजे आरंभ होगा।
यह यात्रा बालाजी मार्केट स्थित पैच के बालाजी मंदिर से आरंभ होकर गोल प्याऊ चौराहा, रेलवे स्टेशन, गायत्री आश्रम चौराहा, जोधड़ास रेलवे फाटक होते हुए लक्ष्मीपुरा स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर पहुंचेगी। भव्य तैयारियों में पुरुष श्रद्धालुओं में महेश पुरी, सुरेश तोषनीवाल, मुकेश गुर्जर, राधेश्याम तोषनीवाल, अशोक जोशी, प्रवीण अग्रवाल, अनिल बांगड, सुशील तंबोली, सुशील डांगी, सुनील मानसिंहका, पंकज मालानी, मुकेश शारदा, नीरव राठी, प्रकाश डालमिया, संजय डाड, रामावतार माहेश्वरी, ओम सेन, प्रियंक भदादा, श्याम लाहोटी, शैतान गुर्जर, प्रभात काबरा और सतीश जोशी सहित अनेक श्रद्धालु सक्रिय हैं।
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महिला श्रद्धालुओं में विनिता तोषनीवाल, अनिता गुर्जर, नीना अग्रवाल, लीला गोस्वामी, सुनीला जोशी, तारा बांगड और रीना डाड बालाजी की यात्रा की तैयारियों में उत्साहपूर्वक जुड़ी हुई हैं। तिरुपति सेवा समिति व तिरुपति पदयात्री संघ ने शहरवासियों से “जय गोविंदा” के भक्तिमय वातावरण में इस ऐतिहासिक पदयात्रा में सहभागिता के लिए सादर निमंत्रण दिया है। यद्यपि तिरुपति बालाजी का प्रमुख मंदिर आंध्र प्रदेश में स्थित है, परंतु राजस्थान में तिरुपति बालाजी के स्वरूप का यह प्रथम मंदिर, भीलवाड़ा की तिरुमला कॉलोनी के पास, श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख धाम बन चुका है।
इस मंदिर की स्थापना वर्ष 2011 में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर हुई थी। तब से हर वर्ष बसंत पंचमी पर भव्य पाटोत्सव आयोजित होता है, जिसमें हजारों भक्त भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर की तरह ही विशेष महाप्रसाद (भोग) भी सेवकों द्वारा तैयार कर भक्तों को वितरित किया जाता है। मंदिर परिसर में हर पूर्णिमा को विशेष श्रृंगार, अभिषेक और भक्ति आयोजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठता है।




















