कैटरीना कैफ 42 की उम्र में अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली है। ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में बढ़ती उम्र में प्रेगनेंसी को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। डॉक्टर्स के अनुसार अधिक उम्र में प्रेगनेंसी काफी रिस्की होती है। ऐसे में आइए जानते हैं 40 के बाद मां बनने के क्या जोखिम होते हैं।
बॉलीवुड की मशहूर्त एक्ट्रेस कैटरीना कैफ शादी के चार साल बाद मां बनने वाली हैं। कैट ने साल 2021 में विक्की कौशल के साथ सात फेरे लिए थे और अब 42 की उम्र में वे अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं। कैटरीना ने जब से सोशल मीडिया पर अपनी प्रेगनेंसी की न्यूज शेयर की है उनके फैंस और दोस्त उन्हें ढेरों बधाइयां दे रहे हैं।
लेकिन इन सबके बीच लोगों में इस बात की भी चर्चा हो रही है कि क्या मां बनने की यह सही उम्र है।
जहां कुछ लोग इस प्रेगनेंसी से वाकई खुश हैं वहीं कुछ लोग इस उम्र में बच्चे को जन्म देना सही नहीं मान रहे हैं। IVF एलांटिस हेल्थकेयर दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर और इनफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर मनन गुप्ता के अनुसार 40 की उम्र के बाद कंसीव करना मुश्किल होता है। कोई महिला यदि इस उम्र में गर्भवती हो जाती है तो उसकी प्रेगनेंसी काफी रिस्की होती है।
बढ़ती उम्र में कंसीव करना मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इस उम्र में प्रेगनेंसी को एडवांस मैटरनल एज कहा जाता है। आइए जानते हैं 40 की उम्र के बाद प्रेगनेंट होने से किन चीजों का खतरा बढ़ जाता है।
निंबार्क आश्रम गांधीनगर में हनुमान चालीसा पाठ का हुआ एक वर्ष पूर्ण, मनाया वार्षिक उत्सव
क्या है एडवांस मैटरनल एज?

अधिक उम्र में प्रेगनेंसी का मतलब एडवांस मैटरनल एज होता है। यानी अगर कोई महिला 35 साल से अधिक उम्र में प्रेग्नेंट हो रही है तो इसे एडवांस मैटरनल एज कहा जाता है। हालांकि आजकल ज्यादातर महिलाएं अपने करियर को ज्यादा प्राथमिकता देती हैं और 30 की उम्र के बाद ही बेबी प्लान करने का फैसला लेती हैं। लेकिन अधिक उम्र में मां बनना काफी रिस्की हो सकता है। इससे मां और होने वाले बच्चे को कई तरह की समस्याएं हो सकती है।
बढ़ती उम्र में प्रेगनेंसी के जोखिम

उम्र बढ़ने के साथ प्रेग्नेंट होने की संभावना भी कम हो जाती है। ऐसे में 35 के बाद प्रेग्नेंट होने के कई जोखिम हो सकते हैं।
-मिसकैरेज
-हाई ब्लड प्रेशर
-जेस्टेशनल डायबिटीज
-समय से पहले डिलीवरी
-बच्चे का वजन कम होना
-मृत शिशु का जन्म होना
-सी सेक्शन डिलीवरी
-मल्टीप्ल प्रेगनेंसी
-प्रीक्लेम्पसिया
42 की उम्र में कैटरीना कैफ बनेंगी मां बच्चे को हो सकती है बीमारियां
बच्चे को हो सकती है बीमारियां

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि 40 के उम्र के बाद कंसीव करने से होने वाले बच्चे को कुछ बीमारियां हो सकती है। इसमें जेनेटिक बीमारी टाइप वन डायबिटीज भी शामिल है। वहीं कुछ मामले में बच्चों को डाउन सिंड्रोम भी हो सकता है। अधिक उम्र में बच्चे पैदा करने से बच्चे कुछ बच्चे मेंटल डिसऑर्डर या फिर थायराइड के साथ जन्म लेते हैं। 40 की उम्र के बाद कंसीव करने पर डेढ़ सौ में से एक बच्चे को यह बीमारियां हो सकती है।
प्रेगनेंसी में उम्र के मायने

दरअसल लड़कियां अंडों के साथ ही पैदा होती है। यानी बच्चे पैदा करने वाले अंडे औरतों के जन्म के समय से ही उनमें मौजूद होते हैं। उम्र बढ़ने के साथ अंडों की संख्या भी कम हो जाती है जिससे गर्भधारण करने में समस्या होती है। 35 के बाद यह जोखिम काफी बढ़ जाता है। यानी जितनी ज्यादा आपकी उम्र होगी उतना ज्यादा बीमारियों का खतरा भी होगा।
मां बनने की सही उम्र क्या

20 की शुरुआत में महिलाओं की प्रजनन क्षमता चरम पर होती है और 30 की शुरुआत में यह कम होने लगती है, इसलिए 20 से 30 की उम्र के बीच गर्भवती होना सबसे सही माना जाता है। हालांकि 35 वर्ष की उम्र के बाद प्रेग्नेंट होने की संभावना कम हो जाती है और जोखिम बढ़ जाते हैं। यही वजह है कि महिलाओं को सही उम्र में कंसीव करने की सलाह दी जाती है। अगर 35 की उम्र के बाद कोई महिला प्रेग्नेंट होना चाहती है तो यह असंभव नहीं है। हो सकता है थोड़ा समय लगे लेकिन कंसीव हो सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप अधिक उम्र में मां बनना चाहती हैं तो सबसे पहले आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है। इसके अलावा आपको खुद पर अधिक ध्यान देना होगा जैसे रोजाना आप अच्छी नींद लें, अपनी डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल करें आदि। प्रेगनेंसी में फिजिकल हेल्थ जितनी जरूरी है उतनी जरूरी मेंटल हेल्थ भी होती है। ऐसे में अगर आप मां बनने वाली हैं या बेबी प्लान कर रहीं है तो आपको स्ट्रेस आदि से भी दूर रहने की जरूरत है। प्रेगनेंसी के दौरान आप नियमित रूप से डॉक्टर से सलाह लेती रहें और अपना हेल्थ चेकअप भी करवाते रहें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है । यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता । ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें । एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है ।




















