नवरात्रि में बीकानेर के विश्व प्रसिद्ध करणी माता मंदिर में 24 घंटे दर्शन होंगे। वहीं नागणेचीजी सहित अन्य मंदिरों में भी दर्शन का समय बढ़ाया गया है। बीकानेर में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच घट पूजन का मुहूर्त रहा। कुछ लोगों ने अपनी सुविधा के हिसाब से इसके बाद भी माता का पूजन किया।
खंडवा में दो कब्रों से छेड़छाड़, महिला का शव निकाला:CCTV कैमरे में दिखाई दिए दो युवक
श्री करणी माता मंदिर में 22 सितंबर से नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। मंदिर प्रन्यास उपाध्यक्ष गिरिराज सिंह बारठ ने बताया कि अमावस्या की रात से मंदिर 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे की संभावना को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
पैदल श्रद्धालुओं के लिए रास्ता खुला
बीकानेर से देशनोक करणी माता मंदिर तक पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्ता खुला रखा गया है। यहां से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई है। बीकानेर से नोखा जाने वाले यात्रियों को नापासर-जसरासर होते हुए नोखा पहुंचना पड़ रहा है। वहीं नोखा से बीकानेर आने वालों को भी इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है।
मंदिर के आसपास भी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। वाहनों को दूरी पर ही रोका जा रहा है। पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं, जहां वाहन खड़ा करने के बाद पैदल ही मंदिर स्थल तक प्रवेश मिल रहा है। दरअसल, भारी भीड़ के चलते देशनोक में व्यवस्था करनी पड़ी है। मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर पुलिस ने व्यवस्थाओं को संभाला है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। दर्शनार्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, धूप-छांव सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। श्रद्धालुओं के लिए एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था भी की गई है, जिससे दूर से ही मंदिर के दर्शन किए जा सकेंगे।
638वां जन्मोत्सव और शाही शोभायात्रा
सप्तमी 29 सितंबर के दिन करणी माता का 638वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर देशनोक मंदिर से शाही शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालु हिस्सा लेंगे। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होकर निकलेगी और पारंपरिक झांकियों के साथ आस्था का विशाल स्वरूप देखने को मिलेगा।
प्रतिभाओं का होगा सम्मान




















