बूंदी: जिले के नमाना थाना क्षेत्र स्थित आमली राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को छात्रों और प्रिंसिपल के बीच विवाद बढ़ गया. छात्र-छात्राओं ने अपने ही प्रिंसिपल पर मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगा दिया. देखते ही देखते मामला इतना बढ़ा कि दर्जनों छात्र-छात्राएं ग्रामीणों के साथ थाने पहुंच गए और प्रधानाचार्य संपूर्णानंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई.
प्रिंसिपल ने आरोपों को बताया बेबुनियाद: इस मामले में नमाना थाने के सहायक उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह ने बताया कि पुलिस को छात्रों की ओर से रिपोर्ट प्राप्त हुई है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं और निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी. वहीं, प्रधानाचार्य संपूर्णानंद ने छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बुधवार को कुछ विद्यार्थियों ने कक्षा मॉनिटर के साथ मारपीट की थी. इस घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने केवल फटकार लगाई थी. उनका कहना है कि छात्रों का आरोप कि उन्होंने मारपीट की या जातिसूचक शब्द कहे, पूरी तरह निराधार है.
थाने पहुंचे छात्र और ग्रामीण: गुरुवार को जवाहर नगर व आसपास के करीब तीन दर्जन छात्र-छात्राएं अपने परिजनों और ग्रामीणों के साथ नमाना थाने पहुंचे. गुस्साए छात्रों ने नारेबाजी करते हुए प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल आए दिन छात्र-छात्राओं को मारते-पीटते हैं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं. छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को लेकर पहले भी परिजनों ने स्कूल प्रशासन को अवगत कराया था लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं.
परिजनों का आरोप, कार्रवाई की चेतावनी: परिजन देवेंद्र बैरवा और राधेश्याम ने बताया कि बच्चों पर हो रहे दुर्व्यवहार की शिकायत पहले भी प्रिंसिपल से की गई थी, लेकिन सुधार होने के बजाय उनका रवैया और सख्त हो गया. उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी कार्रवाई नहीं हुई तो जिला कलेक्टर और शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा और आंदोलन की राह अपनाई जाएगी.




















