जयपुर : राजस्थान में चपरासी (4th ग्रेड भर्ती) पद पर 19 से 21 सितंबर तक होने वाली ऐतिहासिक भर्ती परीक्षा में लगभग 25 लाख अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे. 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए आयोजित इस परीक्षा में कुल 53,749 पद भरे जाएंगे. प्रदेश के 38 जिलों में बने 1200 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा छह पारियों में आयोजित होगी. सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि प्रत्येक अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक और फेस स्कैनिंग होगी. परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी रहेगी और परिणामों की जांच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कॉपी चेक के जरिए की जाएगी, ताकि नकल और फर्जीवाड़े की हर संभावना खत्म की जा सके.
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती परीक्षा तीन दिन 19, 20 और 21 सितंबर में कराई जा रही है. बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों की संख्या होने के कारण परीक्षा को छह पारियों में विभाजित किया गया है. ताकि हर पारी में समान संख्या में अभ्यर्थियों का प्रबंधन संभव हो. कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने बताया कि प्रारम्भिक अधिसूचना में कुल 53 हजार 749 पद दर्शाए गए हैं. उन्होंने पदों की संख्या बढ़ने की भी संभावना जताई है. 6 पारियों में होने वाली इस परीक्षा में प्रत्येक पारी में करीब 4 लाख 15 हजार अभ्यर्थी उपस्थित होंगे.
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा
- तारीख: 19 से 21 सितंबर
- कुल पद: 53,749
- अभ्यर्थी: 25 लाख से अधिक
- परीक्षा केंद्र: 1200 केंद्र, 38 जिले
सख्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी : बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा से संबंधित समस्त मटेरियल हर जिले में पहुंचा दिया गया है और आवश्यक गोपनीय सामग्री भी नियत समय पर भेजी जा रही है. पेपर के मल्टीपल सेट और अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेस से निकलना इसकी सुरक्षा बढ़ाने के लिए उपायों में शामिल है. उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह के गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं. प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरा लगे होंगे और कई केन्द्रों में क्लासरूम लेवल पर भी सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी. साथ ही केंद्रों पर पहुंचते ही अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग की जाएगी ताकि किसी तरह के अवैध उपकरण या नकल सामग्री को रोका जा सके.
बायोमेट्रिक फेस-स्कैनिंग और ड्रेस कोड : हर अभ्यर्थी की प्रवेश पर बायोमेट्रिक और फेस-स्कैनिंग से गुजरना होगा. बोर्ड अध्यक्ष ने महिला अभ्यर्थियों से अपील की है कि पारिवारिक अवसरों (जैसे तीज-त्योहार, विवाह) के चलते हाथों पर मेहंदी लगाने से बचें. ताकि बायोमेट्रिक प्रक्रिया में कोई व्यवधान न आए. साथ ही जींस और धातु वाले बटन/ज़िप वाले परिधान से बचते हुए ड्रेस कोड की पालना करें, ताकि मेटल डिटेक्टर चेकिंग में कठिनाई न हो.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से रिज़ल्ट जांच : मेजर जनरल आलोक राज ने बताया कि खास और नई पहल के तहत परीक्षा के परिणामों की जांच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम से की जाएगी. बोर्ड का कहना है कि AI सॉफ़्टवेयर आंसर-पैटर्न और suspicious similarities का विश्लेषण कर सकेगा और नकल के संभावित प्रयासों की पहचान में मदद करेगा. इस प्रक्रिया से ये पता लगाया जा सकेगा कि किसने किससे नकल की कोशिश की. बोर्ड ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि नकल करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी.
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी :-
- सीसीटीवी निगरानी
- बायोमेट्रिक और फेस-स्कैनिंग
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परिणाम जांच
- नकल और फर्जीवाड़े की सख्त रोकथाम
पेपर लीक रोकने के उपाय और इंटेलिजेंस सक्रियता : पेपर लीक की हर संभावना को खत्म करने के लिए कदम उठाए गए हैं. आलोक राज के अनुसार मल्टीपल सेट, अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेस और परीक्षा से थोड़ी ही देर पहले सेट्स का वितरण जैसी रणनीतियां अपनाई गई हैं. राज्य सरकार, एसओजी और अन्य इंटेलिजेंस एजेंसियां सतर्क हैं और पिछले अभियानों में कई आरोपी पकड़े जाने की बात भी सामने आई है. उनका दावा है कि पेपर माफिया की कमर टूट चुकी है.
पेपर लीक हुआ तो खुद करेंगे जानकारी सार्वजनिक : आलोक राज ने बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने पिछले डेढ़ वर्षों में 88 भर्तियों की 110 परीक्षाओं का सफल आयोजन किया है. और इसी अनुभव के आधार पर इस बड़ी भर्ती का संचालन कर रहा है. यदि किसी कारणवश पेपर लीक जैसी अनहोनी घटती भी है तो वह खुद पेपर लीक की जानकारी सार्वजनिक करेगा और परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजन करेगा.




















