अजमेर: अजमेर की ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह में गुरुवार को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) कमांडो की टीम ने औचक सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. टीम ने दरगाह कमेटी के प्रतिनिधियों के साथ दरगाह के सभी दरवाजों का निरीक्षण किया. दरगाह और जायरीन की सुरक्षा के संदर्भ में हर पहलू पर एनएसजी कमांडो ने जांच-पड़ताल की और दरगाह कमेटी के अफसरों से जानकारी हासिल की.
एनएसजी के दौरे को लेकर आम जायरीन के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी जबरदस्त हलचल देखी गई. एनएसजी कमांडो हरीश काजला ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम के साथ दरगाह के झालरा मैदान, शाहजहानी मस्जिद, अकबरी मस्जिद, बुलंद दरवाजा सहित दरगाह के 10 गेटों का सर्वे किया. साथ ही मुगलकालीन दौर की ऐतिहासिक इमारतों के बारे में भी जानकारी ली गई.
इस मौके पर दरगाह कमेटी के स्टाफ के साथ-साथ दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान, असिस्टेंट नाजिम मोहम्मद आदिल और दरगाह थाना पुलिस जमावट के अलावा सीआईडी व आईबी के अधिकारी भी मौजूद रहे. दरगाह सहायक नाजिम मोहम्मद आदिल के अनुसार दरगाह और जायरीन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह सर्वेक्षण करवाया गया, ताकि किसी भी तरह की कमियों को दूर किया जा सके. इस सर्वे के दौरान सीआईडी, पुलिस और जिला प्रशासनिक अधिकारी एडीएम सिटी गजेन्द्र सिंह के साथ ही दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान भी मौजूद रहे.
2007 में हुआ था बम धमाका: गौरतलब है कि ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में 11 अक्टूबर 2007 को एक बम धमाका हुआ था, जिसमें 3 लोगों की मौत हुई थी और 17 जायरीन घायल हुए थे. इसके बाद दरगाह की सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया. सुरक्षा की दृष्टि से यहां 58 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. दरगाह व्यवस्था की ज़िम्मेदारी दरगाह कमेटी के अंतर्गत आती है. यह कमेटी केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्रालय के अधीन काम करती है. यही कारण है कि कमांडो टीम सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच करने अजमेर दरगाह में आई थी.




















