जोधपुर: विधि और न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने शनिवार को राज्य की चर्चित एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया. मंत्री ने कहा कि एसआई भर्ती परीक्षा को न्यायालय ने रद्द नहीं किया, बल्कि अपने विशेष ऑब्जर्वेशन के साथ जांच के आदेश दिए हैं. न्यायालय ने राज्य सरकार को जांच कर रिपोर्ट आरपीएससी को भेजने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बन सके. मंत्री ने स्पष्ट किया कि न्यायालय ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आरपीएससी में नियुक्त अध्यक्षों और सदस्यों पर भी सवाल उठाए हैं. इस बारे में जांच के निर्देश दिए. जोधपुर दौरे पर आए पटेल ने सर्किट हाउस में मीडिया से यह बात कही. मंत्री ने इससे पहले जनसुनवाई की.
विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने एसआई भर्ती मामले में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी से लेकर सुरक्षाकर्मियों तक के नाम सामने आ रहे हैं. कई बड़ी मछलियों की संलिप्तता की आशंका है. सभी के खिलाफ जांच और कार्रवाई की जाएगी. पूरे घटनाक्रम के बाद भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सरकार की गंभीरता स्पष्ट रूप से सामने आई है. न्यायालय के फैसले का अवलोकन कर रहे हैं. उसमें कई तरह के उदाहरण दिए हैं, जिन पर विधिवेता काम कर रहे हैं.
आरपीएससी सदस्यों पर कोर्ट की टिप्पणी पर पटेल बोले, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और हमें भी भविष्य में ध्यान रखना चाहिए कि हम किन लोगों को सदस्य बना रहे हैं. गलत सदस्य बेरोजगारों पर कुठाराघात हैं. आयोग स्वायतशासी संस्था है, जिसके सदस्यों को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया जटिल है. ऐसे में उन लोगों का चयन होना चाहिए, जिन पर कोई अंगुली नहीं उठा सके. हमने चेयरमैन के रूप में यूआर साहू का चयन किया है. पुलिस में उनका बेदाग करिअर रहा है. ऐसे लोगों का चयन होगा तो आरपीएससी की साख पहले की तरह बहाल हो जाएगी.
उल्लेखनीय है कि 2021 की एसआई भर्ती में एसओजी ने फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए चयनित अभ्यर्थियों को गिरफ्तार था. भर्ती रद्द करने की मांग लगातार होती रही. हाल में हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि इस भर्ती को रद्द करने की सिफारिश आरपीएससी को करें, क्योंकि जांच में पाया कि भर्ती परीक्षा का पर्चा छपने से पहले ही बाहर आ गया था.




















